लखनऊ। चिनहट के धावा गांव से लापता हुई 16 वर्षीय वंदना चौबे की गला कसकर हत्या की गई थी। इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुई है। 15 अप्रैल को बाराबंकी के बड्डूपुर में बाबा कुटी पुल के पास शारदा सहायक नहर किनारे उसका शव मिला था। शिनाख्त कर परिजनों ने रविवार को हत्या कर शव फेंकने का आरोप लगाया है। जांच में वंदना के पिता विजय चौबे की भूमिका पुलिस को संदिग्ध मिली है।
इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्र ने बताया कि शव के पास ऐसा कुछ भी नहीं मिला था, जिससे पहचान हो सके। 72 घंटे के बाद भी शिनाख्त न होने पर बाराबंकी पुलिस ने वंदना के शव का अंतिम संस्कार कर दिया था। ऐसा लग रहा था कि शव की शिनाख्त छिपाने के लिए चेहरे पर केमिकल डाला गया था।
पिता ने आईजीआरएस पर की थी शिकायत : वंदना के लापता होने के मामले में पिता विजय ने आईजीआरएस पर शिकायत की थी। रविवार को चिनहट पुलिस के दरोगा को वंदना के शव की तस्वीर मिली। उसे देखते ही दरोगा ने शव की पहचान की। इसके बाद चिनहट पुलिस की टीम परिजनों को लेकर बाराबंकी पहुंची और वहां की पुलिस से संपर्क कर शव की तस्वीर व उसके कपड़ों के आधार पर पहचान कराई।
बाराबंकी के युवक से चल रहा था प्रेम प्रसंग
इंस्पेक्टर चिनहट ने बताया कि वंदना का प्रेम प्रसंग बाराबंकी के देवा निवासी सुमित सिंह से था। 18 अगस्त 2025 को वंदना लापता हुई थी। 21 अगस्त को अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में सुमित जेल भी गया था और नवंबर 2025 में छूटने के बाद फिर उसका संपर्क वंदना से हो गया था। परिजनों ने सुमित पर वंदना की हत्या का आरोप लगाया है।
14 अप्रैल को पिता के साथ घर से निकली थी
इंस्पेक्टर चिनहट के अनुसार, जांच में पता चला कि वंदना 14 अप्रैल को पिता के साथ घर से निकली थी। इसके बाद वह लापता हो गई। अब तक की गई छानबीन में पिता की भूमिका संदिग्ध मिली है। सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। जल्द घटना का खुलासा किया जाएगा।