लखनऊ। तेलीबाग स्थित भाकृअनुप-भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान में पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के तीसरे दिन बुधवार को चार प्रदेशों से पहुंचे 20 किसानों को गुड़ भंडारण की जानकारी दी गई। इन्हें गुड़ पाउडर बनाने, तरल गुड़ तैयार करने, राब बनाने और इन्हें लंबे समय तक सुरक्षित रखने की तकनीकों के बारे में विस्तार से बताया गया।
गुड़ के लिए उपयुक्त गन्ना किस्मों के चयन, उन्नत उत्पादन विधियों और प्रसंस्करण के आधुनिक तरीकों पर भी विशेषज्ञों ने रोशनी डाली। निदेशक डॉ. दिनेश सिंह ने बताया कि गन्ना उत्पादन में श्रम शक्ति की अधिक जरूरत को कम करने के लिए विकसित उपकरणों और तकनीकों का भी प्रदर्शन किया जा रहा है। गुड़ में पाए जाने वाले पोषक तत्वों को सुरक्षित रखने और गुणवत्ता बनाए रखने के उपाय भी किसानों को बताए गए। प्रशिक्षण में पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश और यूपी के प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। प्रतिभागियों का स्वागत कृषि अभियांत्रिकी विभागाध्यक्ष डॉ. एमके सिंह ने किया।