जल जीवन मिशन के तहत बना ओवरहेड टैंक फटा
- फोटो : अमर उजाला
टेस्टिंग के दौरान लखीमपुर में पानी की टंकी गिरने के मामले की जांच राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन कराएगा। सोमवार को राज्य पेयजल एवं स्वच्थता मिशन के अधिशासी निदेशक बृजराज सिंह यादव ने इस मामले की जांच टीएसी (टेक्निकल असिस्टेंस कमेटी) से कराने के निर्देश दिए। इस टीम में चीफ इंजिनियर स्तर के तीन अधिकारी होंगे, जो जांच करेंगे कि आखिर किन कारणों से टंकी टेस्टिंग के दौरान गिरी थी।
टीएसी जांच के साथ-साथ संबंधित अधिशासी अभियंता, असिस्टेंट इंजीनियर (एई), टीपीआई और कार्यदायी संस्था को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया। इन सभी को एक हफ्ते के भीतर स्पष्टीकरण देना है। इस मामले में दोषी अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई भी हो सकती है। टंकी बनाने में इस्तेमाल हुई सामग्री की जांच आईआईटी कानपुर करेगा। इसके लिए सामग्री का नमूना आईआईटी कानपुर भेज दिया गया है।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही लखीमपुर में टेस्टिंग के दौरान पानी की टंकी गिर गई थी। टेस्टिंग के दौरान टंकी को पूरा भरके टेस्ट किया जाता है। इस दौरान जमीन में वाइब्रेटर का भी इस्तेमाल किया जाता है। जिससे भूकंप या किसी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में टंकी उसे झेलने में सक्षम है कि नहीं। इससे उसकी जांच हो जाती है।