अंबेडकरनगर। जलालपुर गुरुजी को घर जाने की ऐसी जल्दी थी कि यह देखे बगैर कि शिक्षण कक्ष में कक्षा सात का एक छात्र सो रहा है, ताला बंद किया और चले गए। लगभग डेढ़ घंटे बाद छात्र की आंख खुली, तो उसने खुद को कक्ष में बंद पाया। चीख पुकार पर इर्दगिर्द मौजूद लोग मौके पर एकत्र हो गए। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची प्रधानाध्यापिका की मौजूदगी में ताला तोड़कर छात्र को सही सलामत बाहर निकाला गया। अध्यापकों की लापरवाही पर अभिभावकों ने कड़ी नाराजगी जताते हुए पूरे मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
मामला जलालपुर शिक्षा क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय अशरफपुर भुआ का है। शुक्रवार को दोपहर छुट्टी होने के बाद बच्चों के जाते ही अध्यापकों ने बगैर कक्ष के अंदर का जायजा लिए तत्काल सभी कक्षाओं में ताला बंद कर अपने घर चले गए। इस बीच लगभग सवा दो बजे एक कक्षा से बालक के चीखने चिल्लाने की आवाजें आने लगीं। वह जोर जोर से आवाज दे रहा था कि उसे यहां से बाहर निकालो। गुरुजी हमें बंद कर चले गए हैं।
स्कूल से कुछ दूरी पर स्थित एक ईंट भट्ठे पर कार्य कर रहे मजदूरों तक उसकी आवाज पहुंची, तो वे विद्यालय की तरफ दौडे़। वहां देखा कि कक्षा सात का छात्र सौरभ (12) बंद था और बाहर निकलने के लिए रो रहा था।
मौके पर मौजूद लोगों की सूचना पर प्रभारी प्रधानाध्यापिका गायत्री चौधरी व सह समन्वयक राजेश वर्मा भी वहां पहुंच गए। उनकी मौजूदगी में ताला तोड़कर बालक को सही सलामत बाहर निकाला गया।
प्रभारी प्रधानाध्यापिका ने बताया कि सौरभ कक्षा में पिछली बेंच पर सो गया था। जिसके चलते कक्ष बंद करते समय अंदर दिखाई नहीं दिया। उधर खण्ड शिक्षा अधिकारी केपी सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी है। इसे दिखवाया जाएगा। यदि किसी प्रकार की लापरवाही पाई गई, तो कार्रवाई की जाएगी।