फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मास्टर साहब जुगाड़ लगाने में व्यस्त हैं

Wed, 07 Aug 2013 07:12 AM IST
लखनऊ/शैलेंद्र श्रीवास्तव
विज्ञापन
विज्ञापन
सीमा तिवारी परेशान हैं, वे मनचाहे जिले में तबादला पाने में तो सफल हो गई हैं, लेकिन अब मनचाहे स्कूल में तैनाती नहीं मिल रही।
विज्ञापन


सीमा तो बस एक उदाहरण भर हैं। ऐसे न जाने कितने शिक्षक-शिक्षिकाएं हैं जो घर के आसपास स्कूल में तैनाती चाहते हैं।

बेसिक शिक्षा अधिकारी हो या एडी बेसिक, रोजाना बड़ी संख्या में शिक्षक उनसे मिलने आ रहे हैं। कोई जुगाड़ लेकर आ रहा है तो कोई उच्चाधिकारियों से फोन करा रहा है।

प्रदेश के अधिकतर जिलों का यही हाल है। शिक्षकों को नौकरी तो सरकारी चाहिए, लेकिन पोस्टिंग घर के पास ही चाहते हैं।

उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा नियमावली के तहत शिक्षकों का नियुक्तिदाता बेसिक शिक्षा अधिकारी है। बेसिक शिक्षा नियमावली के मुताबिक बहुत जरूरी होने पर ही शिक्षकों का अंतरजनपदीय तबादला किया जाना चाहिए।
विज्ञापन


लेकिन सरकारें राजनीतिक फायदे के लिए एक साथ हजारों की संख्या में शिक्षकों का तबादला करती रहती हैं। शिक्षकों के एकमुश्त अंतरजनपदीय स्थानांतरण का नियम तो बसपा सरकार ने बनाया, लेकिन तबादला सपा सरकार ने किए।

उसने वर्ष 2012 में 19 हजार और इस साल 17 हजार से अधिक शिक्षकों का तबादला किया है। शिक्षक पहले तो मनचाहे जिलों में तबादला पाने के लिए जुगाड़ लगाते हैं और जब मनचाहे जिलों में तबादला हो जाता है तो घर के आसपास स्कूलों में तैनाती की जुगाड़ में जुट जाते हैं।

उत्तर प्रदेश में शिक्षकों के स्थानांतरण और समायोजन के लिए 31 जुलाई तक की अवधि निर्धारित की गई थी। इसके आधार पर जिलों में स्थानांतरण के साथ समायोजन की प्रक्रिया पूरी हो गई है।
विज्ञापन


अब शिक्षक जुगाड़-पानी के सहारे समायोजन को संशोधित कराना चाहते हैं। इसके लिए बीएसए और एडी बेसिक को रोजाना काफी संख्या में प्रार्थना पत्र प्राप्त हो रहे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें