पावरहाउस हैं शिक्षक, वहीं से निकलते हैं डॉक्टर-इंजीनियर
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. निशंक बोले, मजबूत शिक्षा का आधार बनेगी नई शिक्षा नीति
शिक्षक पावरहाउस हैं, जहां से राजनेता भी निकलते हैं और डॉक्टर-इंजीनियर भी। नई शिक्षा नीति देश की सुदृढ़ शिक्षा का आधार होगी। यह देश को विश्व गुरु के रूप में आगे बढ़ाने का काम करेगी। इसका मसौदा तैयार हो गया है। ये बातें केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने गोमती विस्तार स्थित सीएमएस में कहीं। वे यहां आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि थे।
उन्होंने कहा कि कुछ लोग कहते हैं कि आईएएस बनना आसान है, लेकिन शिक्षक बनना मुश्किल। वह इसलिए क्योंकि शिक्षक ही आईएएस जैसे अफसरों को तैयार करता है, इसलिए शिक्षक बनना कठिन होना चाहिए। इसके लिए शिक्षकों के प्रशिक्षण पर खास ध्यान दिया जा रहा है। हम 42 लाख अध्यापकों का प्रशिक्षण निष्ठा अभियान के तहत करा रहे हैं। मंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति में तकनीक, प्रौद्योगिकी, विज्ञान की शिक्षा के अलावा संस्कार युक्त शिक्षा भी है। शिक्षा नीति के मसौदे पर हमने वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों की कमेटी बनाकर सुझाव मंगाए।
इसके लिए 1,10,000 ग्राम समितियों तक से परामर्श लिए गए। दो लाख से ज्यादा आम लोगों के सुझाव आए हैं। उन्होंने बताया कि पीएम नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि हमारा अध्यापक पूरे विश्व में छाए। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति से हमारे शिक्षण संस्थान भी विश्व की रैंकिंग में अपना स्थान बना पाएंगे। विश्व रैंकिंग में आने के लिए हमारा जोर है। सात लाख अध्यापकों ने नवाचार पर अपने सुझाव दिए हैं।
सर्वश्रेष्ठ शिक्षक और उनके अभिभावक सम्मानित
केंद्रीय मंत्री निशंक ने कहा कि वास्तविक शिक्षक वह है जो बच्चों को आने वाले कल के लिए तैयार करे। इस अवसर पर सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों की माताओं को फलों व फूलों से तौलकर और पिताओं को शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया। अलग-अलग विषयों के 12 शिक्षकों को सर्वश्रेष्ठ शिक्षक के पुरस्कार से नवाजा गया। इसके अलावा शाखा स्तर पर सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को भी सम्मानित किया गया। इससे पहले शिक्षकों और छात्रों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ सर्व-धर्म प्रार्थना की प्रस्तुतियां दीं।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह, न्याय मंत्री बृजेश पाठक, समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री, राज्यमंत्री सतीश द्विवेदी, सांसद डॉ. अशोक वाजपेयी, संस्थापक डॉ. जगदीश गांधी, डॉ. भारती गांधी, प्रो. गीता गांधी किंगडन समेत कई मौजूद रहे।