फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

छात्रा का आरोप, कमरे में बुलाकर गलत हरकत करने की कोशिश करता था टीचर

Tue, 13 Sep 2016 06:41 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
डेमो प‌िक
विज्ञापन
लखनऊ विश्वविद्यालय के तीन विभागों में शिक्षकों पर लगाए गए मानसिक व शारीरिक शोषण के आरोप का मामला खत्म भी नहीं हुआ कि केमिस्ट्री विभाग के एक शिक्षक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। इस बार शिकायत एसएसपी से लेकर अल्पसंख्यक आयोग तक की गई है। 
विज्ञापन


शिकायत करने वाली छात्रा एमएससी पासआउट है। उसका कहना है कि विभाग के एक शिक्षक अकसर उसे अपने कमरे में बुलाया करते थे। अकेले में मिलने का दबाव डालते। उससे गलत बातें करने का प्रयास करते। जब उसने उनकी बातें नहीं मानीं तो अंतिम सेमेस्टर में अंक कम कर दिए।

एसएसपी कार्यालय से इस शिकायत की जांच विवि चौकी प्रभारी आरपी त्रिपाठी को दी गई है। चौकी प्रभारी ने बताया कि उन्होंने इस मामले में छात्रा से संपर्क किया तो पता चला कि वह शहर से बाहर है। 
विज्ञापन


जल्द छात्रा से मिलकर उसका बयान दर्ज किया जाएगा। इसके साथ ही आरोपी शिक्षक का पक्ष भी लेंगे। वहीं, इस बारे में जब आरोपी शिक्षक से वार्ता की गई तो शिकायतकर्ता छात्रा का नाम सुनने के बाद उन्होंने कहा कि कभी किसी भी छात्र से गलत बात या विवाद नहीं हुआ। 
हालांकि, उन्होंने बताया कि एक पुलिसकर्मी का फोन आया था और उसने मिलने की बात कही थी, लेकिन ऐसे किसी मामले की जानकारी नहीं है।
विज्ञापन

पहले भी आ चुकी हैं शिकायतें

डेमो प‌िक
विवि में शिक्षक के खिलाफ इस तरह की शिकायत का यह पहला मामला नहीं है। जुलाई में विवि के तीन विभागों में शिक्षकों के खिलाफ भी गंभीर आरोप लगे थे। उसमें अज्ञात अभिभावकों ने एलयू कुलपति के साथ ही राजभवन तक पत्र भेजकर समाजशास्त्र, समाजकार्य और वनस्पति विज्ञान विभाग के कुछ शिक्षकों पर पीजी व पीएचडी की छात्राओं का मानसिक व शारीरिक शोषण करने का आरोप लगाया था। 

इस शिकायत के कुछ दिन बाद ही एक और शिकायती पत्र एलयू पहुंचा। उसमें समाजकार्य विभाग के तीन शिक्षकों पर छात्राओं का उत्पीड़न करने का आरोप लगाया गया था। उस मामले की जांच कुलपति ने चीफ प्रॉक्टर प्रो. निशि पांडेय को सौंपी थी। 

प्रो. निशि के अनुसार उस मामले में किसी ने सामने आकर शिकायत नहीं की। गुमनाम पत्र के आधार पर किसी पर कार्रवाई नहीं की जा सकती थी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें