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बोर्ड परीक्षा की कॉपी जांच रहे शिक्षक को मिला ये, देखकर रह गए हैरान

Thu, 22 Mar 2018 11:07 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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- फोटो : amar ujala
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मास्टरजी, मेरे पिता बीमार रहते हैं। पूरे साल पढ़ाई नहीं कर पाया, कृपा करके मुझे पास कर दीजिए। हाईस्कूल के एक परीक्षार्थी ने उत्तर पुस्तिका में कुछ यूं अपना ‘दुखड़ा’ रोकर गुरुजी से पास करने की गुहार लगाई है।
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यूपी बोर्ड के मूल्यांकन के दौरान काफी संख्या में हाईस्कूल व इंटर की खाली कॉपियां मिल रही हैं। नेशनल इंटर कॉलेज में हाईस्कूल की एक कॉपी में परीक्षार्थी ने गुरुजी से हालात का हवाला देते हुए पास करने की गुहार लगाई है।

छात्र ने कुछ सवालों का उत्तर दिया है, लेकिन उतने सवाल नहीं हल किए जिससे वह पास हो जाए। आखिरी उत्तर के बाद उसने गुरुजी के नाम पत्र लिखा है। इसमें लिखा कि उससे बड़ी दो बहने हैं। घर में वह अकेला लड़का है।
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बीमार पिता की वजह से खेती का काम उसे ही करना पड़ता है। ऐसे में वह पूरे साल स्कूल जाकर पढ़ नहीं पाया। घर की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं है। इस कारण कोचिंग भी नहीं कर पाया। मेरी स्थिति देखते हुए इतने अंक दे दीजिए कि पास हो जाऊं। आपकी कृपा होगी।
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55 विद्यालयों ने नहीं लिए नियुक्ति पत्र, चेतावनी

- फोटो : अमर उजाला
उधर, मूल्यांकन कार्य के लिए अभी तक 55 विद्यालयों ने अपने शिक्षकों के नियुक्ति पत्र नहीं लिए हैं। इन्हें परीक्षा कार्यालय कई बार सूचना दे चुका है। बुधवार को डीआईओएस डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने इन्हें खुद फोन कर चेतावनी दी कि गुरुवार तक शिक्षक ड्यूटी नहीं करते तो कॉलेज के खिलाफ कार्रवाई के लिए बोर्ड को लिख दिया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी विद्यालय प्रशासन की होगी।

एक का वेतन रोका
डीआईओएस ने रेलवे हायर सेकेंड्री स्कूल के सहायक अध्यापक जैसराज गुप्ता का मार्च का वेतन रोकने का निर्देश दिया। प्रधानाचार्य ने शिकायत दर्ज कराई गई थी कि ड्यूटी में लगाने के बावजूद वह मूल्यांकन न कर रोज कॉलेज आकर बायोमीट्रिक हाजिरी लगा रहे हैं।

अनुपस्थित छात्रों ने बढ़ाई मुसीबत
मूल्यांकन कार्य में अनुपस्थित छात्र बाधा डाल रहे हैं। हालांकि इनकी कॉपियां मूल्यांकन को नहीं आई हैं, लेकिन इनके अवार्ड ब्लैंक फीड करने में काफी समय लग रहा है। एक छात्र की फीडिंग में कम से कम 15 मिनट का समय लगता है। अनुपस्थित छात्रों की संख्या इतनी ज्यादा है कि उप मुख्य परीक्षक परेशान हो गए हैं।
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