लखनऊ। गाजीपुर के अमराई गांव निवासी शिक्षिका फिरदौस फातिमा ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र के पूर्व मैनेजर व तीन अन्य लोगों पर 35 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। कोर्ट के आदेश पर बृहस्पतिवार को गाजीपुर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की।
फिरदौस के मुताबिक, करीब एक साल पहले उनके भाई इरफान को मछली पालन का कारोबार बढ़ाने के लिए रुपयों की जरूरत थी। पहले से एक लोन होने के कारण बैंक ने उसकी अर्जी खारिज कर दी थी। इसी दौरान उनकी मुलाकात विपुल भाटिया, मोहम्मद बिलाल और शैलेंद्र श्रीवास्तव से हुई। तीनों ने बैंक अधिकारियों से संबंध होने का दावा करते हुए उनके नाम पर 50 लाख रुपये का लोन दिलाने का आश्वासन दिया।
आरोप है कि तीनों ने लोन की प्रक्रिया के नाम पर उनसे सादे कागजों पर हस्ताक्षर करा लिए। बाद में 50 लाख के बजाय 35 लाख रुपये का लोन स्वीकृत होने की बात कही। फिरदौस का आरोप है कि नौ सितंबर 2025 को तीनों ने बैंक की गाजीपुर शाखा के पूर्व मैनेजर की मिलीभगत से लोन की 35 लाख रुपये की रकम में से 20 लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए और बाकी 15 लाख रुपये नकद ले लिए।
शिक्षिका के मुताबिक, अब बैंक उन पर लोन की किस्तें चुकाने का दबाव बना रहा है। पुलिस से शिकायत करने पर सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने कोर्ट का रुख किया। इंस्पेक्टर राजेश मौर्या ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।