लखनऊ। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एके सिंघल के मुताबिक टीबी का इलाज निशुल्क उपलब्ध है। छह महीने से एक साल की दवाओं से यह बीमारी पूरी तरह से ठीक हो जाती है। दो सप्ताह से ज्यादा खांसी, बुखार और वजन घटने पर टीबी की जांच जरूर कराएं। वे प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत बुधवार को एचएएल स्कूल परिसर में हुए जागरूकता कार्यक्रम में बोल रहे थे।
डॉ. सिंघल ने कहा, टीबी को लेकर भ्रम है कि यह बीमारी ठीक नहीं होती है। नियमित दवा और पौष्टिक आहार से यह पूरी तरह से ठीक हो जाती है। मरीजों में पोषण की कमी पूरी करने के लिए निक्षय मित्र योजना शुरू की गई है। इसमें व्यक्तिगत तौर से या कोई भी संस्थान मरीज को गोद लेकर इलाज के दौरान उन्हें पोषण सामग्री उपलब्ध करा सकते हैं।
निक्षय पोषण योजना में टीबी मरीज को इलाज के दौरान एक हजार रुपये बैंक खाते में भेजे जाते हैं। समन्वयक रामजी वर्मा ने बताया कि टीबी छुआछूत की बीमारी नहीं है। यह साथ खाने, तौलिया या बर्तन साझा करने से नहीं फैलती। यह बैक्टीरिया जनित बीमारी है। यह संक्रमित के खांसने व छींकने से फैलती है।