फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

टैक्स दरों में होगा संशोधन, नए कर भी लागू होंगे, यूपी सरकार ने पुरानी दरों को संशोधित करने के सुझाव को दी सहमति

Tue, 25 Aug 2020 10:35 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
विज्ञापन
फाइल फोटो
विज्ञापन
नगर निकायों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए गृहकर की दरों में संशोधन की तैयारी है। प्रदेश सरकार ने पांचवें राज्य वित्त आयोग के नए टैक्स लगाने के साथ ही पुरानी दरों को संशोधित करने के सुझाव पर सहमति दे दी है। 
विज्ञापन


इससे पहले नगर पालिका वित्तीय संसाधन विकास बोर्ड ने भी शहरी निकायों को कई और टैक्स लगाने व टैक्सों की दरों को संशोधित करने का सुझाव दिया था। सिफारिश के लागू होते ही लोगों को नए करों का सामना करना होगा। 

विधानमंडल के मानसून सत्र में पांचवें राज्य वित्त आयोग ने शहरी और ग्रामीण नगर निकायों के संबंध में अपनी सिफारिशें प्रस्तुत की थीं। इसमें निकायों की आर्थिक स्थिति सुधारने के अलावा कामकाज में पारदर्शिता लाने व वर्तमान व्यवस्थाओं को बेहतर करने के सुझाव हैं। 
विज्ञापन


आयोग की ज्यादातर सिफारिशों को लागू कराने के लिए सरकार ने हामी भरी है। नगर विकास विभाग और ग्रामीण निकायों से संबंधित सिफारिशों को पंचायतीराज विभाग को परीक्षण के लिए भेज दिया गया है। इन्हीं में से एक सिफारिश नए टैक्स लगाने और पुराने टैक्सों की दरों को संशोधित करने की थी। 
 
विज्ञापन

इसे सरकार ने अपने दायरे में लेकर खुद ही फैसला लेने का विकल्प खुला रखा है। सूत्र बताते हैं कि पुरानी दरों में संशोधन का फैसला जल्द ही लिया जा सकता है। प्रदेश में दस वर्ष पहले रिवाइज की गई हाउस टैक्स की दर पर ही अभी टैक्स वसूला जा रहा है। 

वहीं जलकर की जगह जलमूल्य लिया जा रहा है। सीवर टैक्स की जगह सीवर चार्ज वसूला जा रहा है। आयोग ने शहरी इलाकों में पानी के मीटर लगाने की सिफारिश की है। ऐसे में अगर पानी के मीटर लगे तो इनकी बिलिंग टैक्स की दर के हिसाब से होगी, वॉटर चार्ज की मौजूदा दर के हिसाब से नहीं। वहीं, एक दशक पुराने हाउस टैक्स की दरों में बदलाव की भी काफी संभावना है।

इस तरह के हो सकते हैं नए टैक्स 
नगर पालिका वित्तीय संसाधन विकास बोर्ड के अनुसार, सड़कों पर गाड़ियों के पार्क करने पर पार्किंग शुल्क, कामर्शियल वाहनों के सार्वजनिक इस्तेमाल पर यूजर चार्ज, शहरी निकायों के किराए की दर का रिविजन, बेटरमेंट, व्यवसाय व मनोरंजन पर टैक्स, धर्मार्थ प्रयोजन के भवनों को परिभाषित करना स्कूल व कॉलेजों को टैक्स से छूट देने के फैसले पर विचार, शहरी निकायों की सीमा में हेलीकॉप्टरों के उतरने पर टैक्स, मोटर व्हीकल टैक्स लगा सकते हैं।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें