फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP News: गहराई में समाई हैं भ्रष्टाचार की जड़ें, टैक्स चोरी 5.64 लाख करोड़ की... मिले केवल 1.40 लाख करोड़

Sun, 02 Mar 2025 01:25 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अभिषेक गुप्ता, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

वर्ष 2019-20 में 10 हजार से ज्यादा छापे में 40 हजार करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का पर्दाफाश किया। इस वर्ष भी लगभग आधा यानी 18 हजार करोड़ रुपये की रिकवरी में सफलता मिली और 231 लोगों को गिरफ्तार किया गया। वर्ष 2020-21 में 12,500 से ज्यादा छापों में 50 हजार करोड़ की टैक्स चोरी मिली लेकिन रिकवरी केवल 12 हजार करोड़ रुपये ही हो सकी। 
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तर प्रदेश के सेंट्रल जीएसटी टीमों की छापेमारी की संख्या और टैक्स चोरी के खुलासों ने विभाग के कामकाज को कटघरे में खड़ा कर दिया है। विभाग के मुताबिक जीएसटी लागू होने के बाद 5.64 लाख करोड़ रुपये की टैक्स चोरी पकड़ी गई है। लेकिन, सरकार को सिर्फ 1.40 लाख करोड़ ही मिले। 
विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट में इसी सप्ताह पेश रिपोर्ट में छापों के आंकड़ों से विभाग के साथ कारोबारियों के बीच हलचल है। स्टेट जीएसटी की तुलना में सेंट्रल जीएसटी के छापों से कारोबारी ज्यादा भयभीत रहते हैं। इसकी वजह गिरफ्तारी का अधिकार है। हालांकि जीएसटी छापों में गिरफ्तारी को लेकर पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने कारोबारियों को बड़ी राहत दी थी। 

ऐसे ही मामलों की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने फर्जी फर्मों और जीएसटी छापों का ब्योरा पेश करने का आदेश दिया था। एक जुलाई 2017 को जीएसटी लागू होने के बाद मार्च 2024 तक के आंकड़े हैरान करने वाले हैं। जुलाई 2017-18 में सीजीएसटी ने 1,216 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी पकड़ी थी। 

191 लोगों को गिरफ्तार किया गया था

इसके एवज में 394 करोड़ रुपये की रिकवरी हुई और तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था। वर्ष 2018-19 में छापों की संख्या 424 से बढ़कर 7,365 पहुंच गई। टैक्स चोरी की रकम भी तीस गुना बढ़कर 37,916 करोड़ हो गई लेकिन विभाग ने 19,216 करोड़ रुपये जमा कराने में सफलता पाई। वहीं, 191 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
विज्ञापन


हालांकि इस वर्ष सबसे ज्यादा 460 गिरफ्तारियां की गईं। वर्ष 2021-22 में भी छापे लगभग 12,500 ही मारे गए लेकिन टैक्स चोरी का खुलासा 73 हजार करोड़ रुपये पार कर गया। इसका एक तिहाई करीब 25 हजार करोड़ रुपये जमा कराए गए और 342 लोगों को जेल भेजा गया।

223 लोगों को गिरफ्तार किया गया

वर्ष 2022-23 में छापे बढ़कर 15,500 हो गए और पहली बार टैक्स चोरी का आंकड़ा 1.31 लाख करोड़ को भी पार कर गया। लेकिन सरकार को सिर्फ 33 हजार करोड़ रुपये ही मिले। वहीं, 190 लोगों को जेल भेजा गया। वर्ष 2023-24 में 20 हजार छापेमारी की गई। इस वर्ष टैक्स चोरी बढ़कर 2.30 लाख करोड़ रुपये हो गई। इसके बावजूद सरकारी खजाने में 31 हजार करोड़ रुपये ही आए। 223 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें