एनएचएआई व कार्यदायी एजेंसी के अधिकारियों के खिलाफ की नारेबाजी
संवाद न्यूज एजेंसी
अमावां (रायबरेली)। रायबरेली-जगदीशपुर हाईवे के निर्माण में लगे टैंकर चालक की सड़क हादसे में मौत हो गई। मौके पर अधिकारियों के न पहुंचने से खफा लोगों ने लोगों ने हाईवे जाम कर दिया। मुआवजे दिलाने के आश्वासन पर करीब ढाई घंटे बाद जाम खुला। रायबरेली-जगदीशपुर हाईवे का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण का काम चल रहा है। कार्य डीपीएस एजेंसी करा रही है। मिल एरिया थाना क्षेत्र के घुराडीह निवासी रावेंद्र प्रताप सिंह (38) कंपनी में पानी का टैंकर चलाता है। वह पानी लेकर निर्माण स्थल अमेठी जिले के थाना मोहनगंज के गांव पूरे लश्करी गया था। रात करीब 11 बजे लौटते समय सड़क हादसे में उसकी मौत हो गई। मोहनगंज पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा। घटना के बाद कार्यदायी एजेंसी और एनएचएआई का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे ग्रामीण खफा हो गए। नारेबाजी व प्रदर्शन करते हुए रायबरेली-जगदीशपुर हाईवे जाम कर दिया। घुराडीह के निकट लगे मिक्सर प्लांट पर ताला डाल दिया। रावेंद्र के पिता मंगन सिंह, ग्रामीण संतोष सिंह, आशीष सिंह, गुड्डू सिंह, हरकेश सिंह, राजन सिंह, शैलेंद्र, शिवकिशोर, दिनेश, कल्लू, कमल सिंह ने बताया कि रावेंद्र की पत्नी अर्चना सिंह, बेटी आंचल सिंह (16) व बेटा सूरज सिंह (12) व चंदन सिंह (6) हैं। वह टैंकर चलाकर परिवार पाल रहा था। उसकी मौत के बाद एजेंसी और एनएचएआई के अफसर व्यथा सुनने तक नहीं आए। क्षेत्राधिकारी वंदना सिंह ने कार्रवाई और मुआवजा दिलाने की बात कहकर जाम खुलवाया। एनएचएआई के पीडी आरएस यादव ने मीटिंग में होने की बात कहकर फोन काट दिया। डीपीएस के प्रोजेक्ट मैनेजर आरबी सिंह ने बताया कि पीड़ित परिवार की हर संभव मदद की जाएगी।