वाराणसी में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर निर्माण के लिए मंदिरों, मकानों और दुकानों को तोड़े जाने को लेकर बृहस्पतिवार को विधान परिषद में हंगामा हुआ। विपक्ष ने सरकार पर कॉरिडोर के नाम पर मंदिरों को तोड़कर हिंदुओं की धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया। नेता सदन और उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने आरोपों को बेबुनियाद बताया।
सपा के शतरुद्र प्रकाश ने प्रश्नकाल में विश्वनाथ कॉरिडोर का मुद्दा उठाते हुए कहा कि लोगों को धमकी देकर बलपूर्वक मकान-दुकान खाली कराए जा रहे हैं। कॉरिडोर के मार्ग में आ रहे मंदिरों को भी तोड़ा जा रहा है और देवी-देवताओं की मूर्तियों को खंडित कर इधर-उधर फेंका जा रहा है। बुधवार को ही ताड़केश्वर मंदिर सहित 50 मंदिर तोड़े गए।
धर्मार्थ कार्य मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी ने कहा कि भाजपा मंदिर तोड़ती नहीं, बनवाती है। जिन मंदिरों को तोड़ना बताया जा रहा है, वहां नियमित पूजा-अर्चना हो रही है। सरकार का प्रयास है कि कहीं भी पूजा-अर्चना बाधित नहीं हो। शतरुद्र प्रकाश कब्रिस्तान की चारदीवारी बनवाने की बात करते हैं, मंदिर बनवाने की नहीं।
उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि कॉरिडोर के लिए जिन लोगों के मकान-दुकान लिए गए हैं, उन्हें मुआवजे के रूप में पर्याप्त पैसा दिया गया है। किसी भी मकान मालिक या दुकान मालिक ने आपत्ति नहीं की है।
विपक्ष कॉरिडोर निर्माण में बाधक बन रहा है। डॉ. शर्मा ने चुनौती देते हुए कहा, धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-पाठ और कर्मकांड में विपक्ष के लोग हमसे ज्यादा नहीं जानते हैं। हमारी पिछली दस पीढ़ियां पुरोहिती का काम करती आई हैं। सत्ता पक्ष के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस के दीपक सिंह और नसीमुद्दीन सिद्दीकी सहित सपा के सदस्यों ने वेल में आकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी और हंगामा किया।