तलत अजीज कहते हैं कि लखनऊ, हैदराबाद, भोपाल और दिल्ली ऐसे शहर हैं, जहां गज़लों को सुनने के लिए लोग बेचैन रहते हैं।
शुक्रवार को जब वह मंच पर पहुंचे तो दर्शकों के इसी उत्साह ने उनका जोश दोगुना कर दिया। शहरवासियों का इस्तकबाल स्वीकार करने के बाद गज़ल गायक ने अपनी गायकी के सुर बिखेरने शुरू किया।
जिसकी खुशबू देर रात तक फिजा में बनी रही। गायक आनंदी कॉन्सेप्ट की ओर से गोमतीनगर स्थित आनंदी ऑर्किड में पद्मश्री बेगम अख्तर को समर्पित ‘जश्न ए गजल’ में शिरकत करने पहुंचे थे।
उन्होंने उमराव जान की नज़्म ‘जिंदगी जब भी तेरी बज़्म में लाती है हमें’ से की। जिसे सुन श्रोता वाहवाह कर उठे। इसकेबाद उन्होंने डैडी फिल्म की गजल ‘आइना मुझसे मेरी पहली सी सूरत मांगे’ पेश की।
‘न किसी की आंख का’, ‘अब क्या गजल सुनाऊं’ और ‘जब किसी बेवफा का नाम लिया’ नज़्में सुनाकर श्रोताओं का मनोरंजन किया।
इससे पूर्व स्थानीय गज़ल गायक कैलाश जोशी ने समां बांधा। उन्होंने बेगम अख्तर की ‘उल्टी हो गईं सब तदबीरें’ सहित कई गजलें सुनाईं।