देश के लाखों किसान एनबीआरआई और सीमैप की तकनीक का सीधा लाभ उठा सकेंगे।
किसान सीएसआईआर की परियोजना टेकविल से सीधे जुड़कर खेती के पारंपरिक तरीकों से हटकर फूलों और औषधियों की खेती से लाभ कमाएंगे।
शनिवार को एनबीआरआई के निदेशक सीएस नौटियाल ने बाराबंकी और उन्नाव के दो गांवों में चंदन और रुद्राक्ष के पौधे लगाकर सीएसआईआर की इस योजना का शुभारंभ किया।
डॉ. नौटियाल ने किसानों को पीसीबी फॉसफोरस घोलक बैक्टीरिया के पैकेट भी दिए। उन्होंने बताया कि यह बैक्टीरिया मिट्टी में मौजूद अघुलनशील फॉसफोरस को घुलनशील बनाता है जिसे पौधे आसानी से सोख लेते हैं।
इससे इसका इस्तेमाल रासायनिक खाद की जगह किया जाता है। यह सस्ती होने के साथ ही पर्यावरण के लिए फायदेमंद होती है।