लखनऊ। निगोहां के नयाखेड़ा में बुधवार को एसयूवी पीछे करते समय वैन से टकरा गई। इस पर वैन सवार लोगों ने एसयूवी चालक की पिटाई कर दी। लोगों ने बीचबचाव कर आरोपियों को शांत करा दिया। मगर कुछ देर बाद आरोपियों ने एसयूवी चालक को जबरन वैन में खींचकर अगवा कर लिया और जमकर पीटने के बाद झाड़ियों में फेंककर भाग गए। पुलिस ने तीन नामजद व तीन अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है।
मोहनलालगंज के बिंदौवा निवासी रविंद्र कुमार बुधवार रात दोस्त कल्लू के साथ निगोहां के नयाखेड़ा में शादी समारोह में गए थे। देर रात घर लौटने के लिए वह एसयूवी पीछे करके निकाल रहे थे, तभी वह पीछे खड़ी वैन से टकरा गई। इस पर वैन चालक प्रमोद और उसके साथी संजू व धर्मेंद्र गालीगलौज करने लगे। रविंद्र ने गलती से टक्कर लगने की बात कहते हुए माफी मांगी, लेकिन संजू और धर्मेंद्र कुछ सुनने को तैयार नहीं थे। दोनों ने फोन कर कई साथियों को बुलाकर रविंद्र पर हमला बोल दिया।
रविंद्र के दोस्त कल्लू ने बीचबचाव किया तो आरोपियों ने उन्हें भी दौड़ाकर पीटा। कल्लू के शोर मचाने पर ग्रामीण जुट गए और किसी तरह रविंद्र और कल्लू को आरोपियों से बचाया। ग्रामीणों के बीचबचाव करने पर आरोपी चले गए। रविंद्र वहां से निकले और कल्लू को उनके घर के पास छोड़कर अपने घर की तरफ जाने लगे। तभी वैन सवार आरोपी फिर आ धमके और रविंद्र को पीटा। फिर वैन में खींचकर अगवा कर ले गए और जमकर पीटा। रविंद्र बेहोश हो गए तो आरोपी उन्हें झाड़ियों में फेंककर भाग गए।
देर रात तक रविंद्र घर नहीं लौटे तो परिजनों ने कॉल की मगर उनका मोबाइल स्विच ऑफ था। बृहस्पतिवार सुबह परिजनों को पता चला कि रविंद्र वीरसिंहपुर इलाके में बेहोश पड़े हैं। परिजन मौके पर पहुंचे और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया।
अस्पताल में इलाज के दौरान रविंद्र की हालत में सुधार हुआ। तब उन्होंने वैन चालक प्रमोद, उसके साथी संजू, धर्मेंद्र व अन्य द्वारा अगवा करके पीटने के बारे में बताया। इलाज के बाद परिजन रविंद्र को घर ले गए। उनके भाई वीरेंद्र ने निगोहां थाने में सूचना दी। जिसके बाद पुलिस ने केस तो दर्ज कर लिया मगर उसमें अपहरण की धारा नहीं लगाई। पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लिया है।