नगर निकायों में तबादले के तीन सप्ताह बाद भी नए तैनाती स्थलों पर कार्यभार ग्रहण न करने वाले पर सख्ती शुरू हो गई है। स्थानांरित निकाय कर्मियों का यदि पूर्व तैनाती स्थल से वेतन जारी किया गया तो संबंधित के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में निदेशक स्थानीय निकाय नितिन बंसल ने सभी निकायों को निर्देश जारी किया है। उन्होंने नए तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण न करने वाले कर्मियों का वेतन रोकने के भी निर्देश दिए हैं।
निदेशक स्थानीय ने सभी निकायों को कड़ा पत्र लिखा है। जिसमें सभी निकायों से स्थानांतिरत होने वाले कर्मियों के संबंध में जानकारी मांगी की गई है। इसमें कार्यमुक्त होने और कार्यभार ग्रहण करने वाले कर्मियों के संबंध में जानकारी तय प्रारूप पर उपलब्ध कराने को कहा गया है। सूत्रों का कहना है कि लखनऊ नगर निगम में करीब 20 साल से तैनात अभियंता विनोद कुमार पाठक का कानपुर और आलोक श्रीवास्तव का तबादला रामपुर हुआ है, लेकिन इन दोनों अभी तक कार्यमुक्त नहीं हुए हैं। इस संबंध में शिकायत मिलने पर ही निदेशक जानकारी जुटाई तो पाया कि इन दोनों के अलावा एक दर्जन से अधिक ऐसे लोग हैं तो तबादले के बाद भी पुराने स्थान पर ही जमे हुए हैं।
इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए निदेशक ने स्थानांतरित निकाय कर्मियों को तत्काल कार्यमुक्त करने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि राज्य सरकार ने तबादला नीति जारी करते हुए जिले में तीन साल और मंडल में सात साल तक रहने वालों को स्थानांतरित करने का आदेश दिया था। इसके आधार पर निकायों में केंद्रीयत सेवा के अधिकारियों, अभियंताओं और कर्मचारियों का स्थानांतरण किया गया है। स्थानांतरित होने वालों से एक सप्ताह में नई तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने का आदेश दिया गया। इसके बाद भी तबादला रुकवाने का खेल चल रहा है।
स्थानीय निकाय निदेशक ने सभी निकायों को इस संबंध में पत्र लिखते हुए कहा है कि जो भी स्थानांतरित हुए हैं उन्हें तत्काल कार्यमुक्त किया जाए। इसकी सूचना निदेशालय को भी देने को कहा गया था। इसके बाद भी सूचना न देना अत्यंत खेदजनक है। उन्होंने कहा है कि इनको तत्काल कार्यमुक्त किया जाए और उनका वेतन नई तैनाती स्थल से ही निकाला जाए। किसी भी स्थानांतरित कार्मिक का वेतन पूर्व तैनाती स्थल से निकाला जाता है तो इसके लिए जिम्मेदार पर कार्रवाई की जाएगी।