लखनऊ के सरोजनीनगर थानाक्षेत्र में किराए पर रहने वाले रोडवेज बस कंडक्टर मनोज राय (42) ने बुधवार देर रात फांसी लगा ली। बेटी रुचि के मुताबिक, पिता करीब दो साल से निलंबित चल रहे थे। बृहस्पतिवार को उन्हें बरेली पहुंचकर दोबारा नौकरी जॉइन करनी थी। कुछ दिनों से वह काफी तनाव में थे। हादसे से परिवारीजन सदमे में हैं।
सहायक पुलिस आयुक्त कृष्णानगर अमित कुमार राय के मुताबिक, मूलरूप से सिद्धार्थनगर निवासी मनोज राय सरोजनीनगर के बदालीखेड़ा के सत्यलोक कॉलोनी में किराए पर परिवार संग रहता था। मनोज बरेली डिपो में बतौर कंडक्टर तैनात था। पत्नी मनोरमा के मुताबिक, रात करीब दस बजे मनोज घर के बाहर गए और दरवाजा खुला छोड़ने की बात कही।
सुबह बेटी शिखा ने देखा कि कमरे में छत के कुंडे में कपड़े के सहारे उन्होंने फांसी लगा ली थी। शिखा की चीख सुनकर मनोरमा भी पहुंचीं और तत्काल अन्य परिवारीजनों को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव नीचे उतारा। परिवारीजनों के मुताबिक, मनोज ने फांसी क्यों लगाई? इसका कारण स्पष्ट नहीं है। परिवार में पत्नी के अलावा चार बच्चे हैं।