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Lucknow News: लाइसेंस निलंबित कर बंद कराएं सत्यम हॉस्पिटल

Mon, 24 Jul 2023 11:45 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
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रायबरेली। इलाज के नाम पर बरती गई लापरवाही पर मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब ने सत्यम हॉस्पिटल में तालाबंदी के आदेश दिए हैं। उन्होंने डीएम को उच्च स्तरीय कमेटी का गठन कर जांच कराने के साथ ही अस्पताल के लाइसेंस को तत्काल निलंबित करते हुए सभी चिकित्सीय सेवाएं रोकने के आदेश दिए हैं। कमिश्नर के आदेश के बाद एक ओर जहां मृत नवजात राघव और उसके पिता को इंसाफ मिलने की उम्मीद जगी है, वहीं बीती चार जुलाई से जांच के नाम पर मामले को रफा-दफा करने में जुटे जिले के जिम्मेदार अधिकारियों के गाल पर करारा तमाचा लगा है।
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लालगंज क्षेत्र के रानीपुर गांव निवासी सुरेंद्र कुमार शर्मा ने दो माह के बेटे राघव को इलाज के लिए शहर के इंदिरा नगर स्थित सत्यम हॉस्पिटल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। वीगो लगाने में बरती गई लापरवाही के कारण नवजात का बायां हाथ सड़ गया था। बीती 21 जून तक हाथ का इलाज न करने और संक्रमण काफी बढ़ जाने के बाद पिता सुरेंद्र ने बेटे को डिस्चार्ज कराने के बाद एम्स में भर्ती करा दिया था। इसके पहले उसने कई चिकित्सकों से सलाह ली थी। आठ जुलाई की रात इलाज के दौरान नवजात ने एम्स में दम तोड़ दिया था। मौत से पहले सात जुलाई को ऑपरेशन करके बच्चे का हाथ काटना पड़ा था। मामले में सत्यम हास्पिटल के डॉ. आशुतोष सिंह के खिलाफ शहर कोतवाली में मुकदमा भी दर्ज हुआ है।
मासूम के पिता की शिकायत पर डीएम के आदेश पर एसीएमओ डॉ. अरविंद कुमार, सर्जन डॉ. आशा शंकर वर्मा व बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सत्यजीत सिंह को जांच सौंपी गई थी। 20 दिन बाद भी जांच पूरी नहीं हो सकी। जिम्मेदार अधिकारी भी कमेटी के सदस्यों पर जांच पूरी कराने के लिए दबाव नहीं बना पाए। अंदर ही अंदर जांच के नाम पर मामले को रफा-दफा करके दोषियों को बचाने का पूरा प्रयास किया गया। अब तक की जांच में कमेटी लीपापोती ही करती रही। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने भी जांच पर गंभीरता नहीं दिखाई। 18 जुलाई को यहां आई कमिश्नर रोशन जैकब ने सीएमओ को गंभीरता से जांच कर कार्रवाई का आदेश दिया था, फिर भी सीएमओ ने गंभीरता नहीं दिखाई।
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सोमवार को मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब ने मामले में अब तक नहीं हुई कार्रवाई से बेहद नाराजगी जताते हुए डीएम को मामले में जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी के गठन के आदेश दिए हैं। साथ ही जांच की प्रक्रिया पूरी न होने तक तत्काल प्रभाव से सत्यम हॉस्पिटल के क्लीनिकल लाइसेंस को निलंबित करते हुए सभी स्वास्थ्य संबंधी क्रियाओं को प्रतिबंधित करने के आदेश दिए हैं। मामले में बीती 18 जुलाई को राघव के पिता सुरेंद्र ने बचत भवन में आयोजित मंडलायुक्त के मंडलीय जनता दर्शन में शिकायत करके न्याय की गुहार लगाई थी। मंडलायुक्त की कार्रवाई के बाद जिले के जिम्मेदार अधिकारियों के सुस्त कार्यशैली की पोल खुल गई है।
मंडलायुक्त के स्तर से सत्यम हॉस्पिटल के खिलाफ हुई कार्रवाई पर राघव के पिता सुरेंद्र कुमार शर्मा बेहद खुश हैं। बीती 21 जून से वह बच्चे की जान बचाने और न्याय के लिए भटक रहे हैं। उनका कहना है कि अब उन्हें न्याय मिलने की पूरी उम्मीद है। लगातार खबर प्रकाशित करने पर भी सुरेंद्र ने अमर उजाला को धन्यवाद दिया। साथ ही आगे भी बेटे राघव को इंसाफ दिलाने में सहयोग करने की उम्मीद जताई।
सत्यम हॉस्पिटल के संचालक डॉ. केएस सिंह के बेटे डॉ. आशुतोष सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस हाथ पर हाथ रखे बैठी है। पुलिस सीएमओ की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, और सीएमओ के स्तर पर जांच पूरी होने का नाम नहीं ले रही है। कहीं न कहीं पूरा का पूरा सिस्टम इस मसले में बेपरवाह बना है। जिले के बड़े अधिकारी भी मातहतों की इस मनमानी पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। यदि ध्यान देते तो जो काम कमिश्नर ने किया, वह सीएमओ के स्तर से भी हो जाता।
माला श्रीवास्तव ने बताया कि मंडलायुक्त का आदेश मिल गया है। सत्यम हॉस्पिटल के लाइसेंस को निलंबित करके चिकित्सीय सेवाएं प्रतिबंधित कर उच्च स्तरीय कमेटी से जांच कराने के निर्देश दिए हैं। मंडलायुक्त के आदेश का अनुपालन कराया जाएगा। मामले में सोमवार को सीएमओ को बुलाया गया था। कार्रवाई के आदेश दे दिए गए हैं।
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