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Lucknow News: निजी संस्थानों का सर्वे शुरू, जिम्मेदारों की खुलने लगी पोल

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लखनऊ। राजधानी में प्राइमरी-इंटरमीडिएट स्कूल, डिग्री कॉलेज, कोचिंग सेंटर, नर्सिंग होम, छोटे-बड़े पैथोलॉजी आदि निजी संस्थानों से कम रेट का बिजली बिल वसूलने का मामला सामने आते ही शनिवार को गोमतीनगर जोन के जिम्मेदारों ने सर्वे कराना शुरू कर दिया है। इस सर्वे में उन जिम्मेदारों की भी पोल खुली, जिन्होंने संस्थानों के आवेदन पर भी उनके कनेक्शन के टैरिफ नहीं बदले।
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अमर उजाला ने 12 अप्रैल के अंक में इस संबंध में खबर प्रकाशित की थी, जिसके बाद शनिवार को ऐसे संस्थानों का सर्वे कराया गया। गोमतीनगर जोन के मुख्य अभियंता सुशील गर्ग ने बताया कि कमता के एसडीओ संतोष मौर्या, लौलाई उपकेंद्र के जेई सौरभ कुशवाहा ने कमता क्षेत्र में निजी संस्थानों का सर्वे किया। पहले दिन नर्सिंग होम के सर्वे किए गए, जिसमें खामियां मिली हैं। उधर, अमौसी जोन के मुख्य अभियंता रजत जुनेजा ने बताया कि सभी अधीक्षण एवं अधिशासी अभियंताओं की बैठक बुलाकर निजी संस्थानों के सर्वे के निर्देश दिए गए हैं। इस बैठक में गर्मी में निर्बाध बिजली आपूर्ति के भी लिए अलर्ट किया गया।
जिम्मेदारों ने ही नहीं बदली टैरिफ
अमर उजाला ने कमता के जिस डिग्री कॉलेज में गलत टैरिफ का खुलासा किया था, उसका भी सर्वे हुआ। सर्वे में स्वीकृत से ज्यादा विद्युत लोड नहीं पाया गया, फिर भी बढ़ाने के निर्देश दिए गए। कॉलेज प्रबंधक ने टीम को बताया कि एक साल पहले टैरिफ बदलने के लिए प्रार्थना पत्र कमता एसडीओ को दिया था, मगर अब तक टैरिफ नहीं बदली गई।
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नहीं किया जुर्माना
दुबग्गा क्षेत्र में चार माह पूर्व ही सर्वे करके 40 से ज्यादा निजी संस्थानों में टैरिफ की गड़बड़ी पकड़ी गई थी। इसकी रिपोर्ट जिम्मेदारों को भेजी गई, मगर अब तक ऐसे स्कूल व नर्सिंग होम का न तो टैरिफ बदला गया और न ही एक साल का जुर्माना वसूला गया।
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