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Lucknow News: बाहरियों की तलाश में 542 क्वार्टरों का हो रहा सर्वे

Fri, 27 Sep 2024 07:17 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
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रायबरेली। किस रेलवे क्वार्टर में कौन सा कर्मचारी रहता है, उन्हें कब क्वार्टर आवंटित किया गया, क्वार्टर की हालत कैसी है, कोई बाहरी व्यक्ति तो नहीं रहता है। ऐसे ही कई सवालों का जवाब ढूंंढने के लिए रेलवे क्वार्टरों का सर्वे कराया जा रहा है। निष्प्रयोज्य घोषित या जर्जर आवासों में कोई रहता तो नहीं है, इस बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
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इसका उद्देश्य क्वार्टर और उसमें रहने वालों का पूरा ब्योरा ऑनलाइन किया जाना है। अनधिकृत रूप से रहने वालों को बाहर करना है। हालांकि, अभी तक कोई भी अनधिकृत व्यक्ति क्वार्टर में रहता हुआ नहीं पाया गया।


उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के उप मंडल रायबरेली के अंतर्गत 542 रेलवे क्वार्टर आते हैं। जो अलग-अलग रेलवे स्टेशनों के आसपास बने हुए हैं। सबसे ज्यादा लगभग 250 रेलवे क्वार्टर रायबरेली जंक्शन के आसपास बसी कॉलोनियों में बने हैं। वहीं बछरावां, डलमऊ, लालगंज, ऊंचाहार, हरचंदपुर, दरियापुर समेत अन्य छोटे-बड़े स्टेशनों के पास भी कर्मचारियों के लिए आवास बने हैं। इन सभी आवासों की स्थिति व उनमें रहने वाले आवंटी कर्मचारियों का ब्योरा बिल्डिंग स्ट्रक्चर एंड इंफॉर्मेशन सिस्टम (बीएसआईएस) पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है। साथ ही भौतिक सत्यापन भी किया जा रहा है।
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संबंधित स्टेशन अधीक्षक, वरिष्ठ खंड अभियंता (कार्य) और वरिष्ठ खंड अभियंता (विद्युत) की संयुक्त टीम बनाई गई है, जो सर्वे कर रही है। सर्वे के दौरान वे अधिकारी भी रहते हैंं, जिनके अधीनस्थ कार्य करने वाले कर्मचारियों को आवास दिए गए हैं।

पचिालन, रेल पथ, संकेत एवं संचार, आरपीएफ, जीआरपी, कैरेज एंड वैगन, विद्युत, कर्षण, लोको आदि से संबंधित अधिकारियों के अधीनस्थ कर्मचारियों को क्वार्टर आवंटित किए गए हैं। हर क्वार्टर में जाकर सही स्थिति जानने के साथ यह भी देख रहे हैं कि आवास में आवंटित कर्मचारी ही रहता है या नहीं।


कोई समस्या आए तो एप पर करें शिकायत

रेलवे क्वार्टर में आए दिन कोई न कोई समस्या आती रहती है, जिससे उनमें रहने वाले कर्मचारी जूझते रहते हैं। परेशान कर्मचारी अधिकारियों को लिखित शिकायत देकर चक्कर काटते रहते हैं, लेकिन सुनवाई नहीं होती है। अब ऐसा नहीं होगा।

सारा ब्योरा ऑनलाइन दर्ज हो जाने के बाद एप के जरिए शिकायत कर सकेंगे, जिसका निस्तारण तुरंत होगा। वरिष्ठ खंड अभियंता (कार्य) विजय का कहना है कि अब तक लगभग 150 रेलवे क्वार्टर का भौतिक सत्यापन हो चुका है। जल्दी ही सभी क्वार्टर का सत्यापन कर लिया जाएगा।

वर्जन...
क्वार्टर और उनमें रहने वाले कर्मचारियों के बारे में जानकारी जुटाकर उसका ब्योरा ऑनलाइन किया जा रहा है। अगर किसी क्वार्टर में कोई समस्या आती है तो उसके बारे में आवंटी कर्मचारी एप के जरिए शिकायत कर सकता है, जिसे उच्चाधिकारी देखेंगे। तय अवधि में शिकायतों का निस्तारण कर एप पर ही अपडेट कर दिया जाएगा।
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- एसके पांडेय, सहायक मंडल अभियंता
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