रायबरेली। स्पिनिंग मिल में निकल रहे स्क्रैप को बेचने में जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) की चोरी की जा रही थी। गुजरात की फर्म बिना बिल के ही स्क्रैप को बेचक रही थी। राज्यकर विभाग की ओर से 47 टन स्क्रैप पकड़े जाने के बाद 88.40 लाख रुपये की जीएसटी की राशि जमा कराई गई।
मिल एरिया स्थित स्पिनिंग मिल की जमीन पर नए उद्योगों की स्थापना होनी है। इसके लिए मिल के स्क्रैप और अन्य समान को हटाकर जमीन खाली कराने का काम चल रहा है। यह काम गुजरात की एक फर्म को दिया गया है। 10 दिन पहले राज्यकर विभाग के सहायक आयुक्त (सचल दल) प्रदीप कुमार पटेल ने डिडौली के पास दो ट्रकों पर करीब 15 लाख कीमत का 47 मीट्रिक टन स्क्रैप पकड़ा था।
बताते हैं कि झारखंड के फर्जी बिल और बिना जीएसटी जमा किए स्पिनिंग मिल से स्क्रैप को ले जाया जा रहा था। मामला पकड़ में आने के बाद राज्यकर विभाग ने पड़ताल शुरू की तो परत दर परत पोल खुल गई। स्पिनिंग मिल में स्क्रैप को हटाने का काम कर रही गुजरात की फर्म ने बिना जीएसटी जमा किए ही स्क्रैप को बेचा था। वहीं फर्म को बीती जुलाई में ही जीएसटी जमा कर देना चाहिए था, लेकिन अब तक जमा नहीं किया। जांच के बाद करीब 88.40 लाख रुपये फर्म से जमा कराए गए हैं।
झारखंड के फर्जी बिल से स्पिनिंग मिल से स्क्रैप पंजाब ले जाते 47 मीट्रिकटन कबाड़ पकड़ने के बाद जांच शुरू की गई। जांच के बाद गुजरात की फर्म से 88.40 लाख रुपये की जीएसटी जमा कराई गई है। अभी और टैक्स जमा कराया जाएगा।
प्रदीप कुमार पटेल, सहायक आयुक्त (सचल दल) राज्यकर विभाग