मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने कोरोना संक्रमण के कारण अधिक मृत्यु दर वाले जिलों में सर्विलांस टीमें बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि त्योहार के दौरान कोविड-19 संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित रखने के लिए निर्धारित एसओपी व गाइडलाइंस का कड़ाई से पालन किया जाए। पब्लिक एड्रेस सिस्टम से दो गज की दूरी, मास्क है जरूरी के प्रति लोगों को निरंतर जागरूक किया जाए। मुख्य सचिव बृहस्पतिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कोविड-19 नियंत्रण की समीक्षा कर रहे थे।
मुख्य सचिव ने कहा कि अधिक मृत्युदर वाले जिलों में सर्विलांस टीमों को बढ़ाने के साथ ही विश्लेषण के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से भी एक टीम भेजी जाए। यह भी देखा जाए कि कोविड रोगी के इलाज में सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ निजी अस्पतालों में प्रोटोकाल का पालन हो रहा है या नहीं। कोविड से होने वाली मौतों का चिकित्सा विशेषज्ञों से विश्लेषण कराकर मृत्यु दर पर रोक लगाने का प्रयास किया जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कोविड-19 से किसी व्यक्ति की मृत्यु होम आइसोलेशन के दौरान न हो।
जीआई उत्पाद के निर्यातकों की समस्याओं का कराएं समाधान: तिवारी
मुख्य सचिव आरके तिवारी ने वाराणसी परिक्षेत्र के जीआई. उत्पाद के निर्यातकों की समस्याओं के समाधान, ब्रान्डिंग तथा मार्केटिंग के जरिए निर्यात को बढ़ावा दिये जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बृहस्पतिवार को इस संबंध में वीडियो कान्फ्रेन्सिंग के माध्यम से बैठक की। उन्होंने वाराणसी के मदनपुरा इनलैण्ड कार्गों के रिवाइव करने तथा जीआई. उत्पादों के निर्यात के लिए इनलैण्ड वॉटर वे का प्रयोग करने से जुड़ी कार्यवाही तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने मंडलायुक्त वाराणसी को हैण्डलूम की तरह पावरलूम को भी सब्सिडी उपलब्ध कराने का प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसी तरह जीआई. उत्पादों के लिए बार कोड/क्यूआर कोड जारी करने संबंधी मैकेनिज्म तैयार करने के लिए भी प्रस्ताव देने को कहा। तिवारी ने जीआई. उत्पादों के प्रशिक्षण व कौशल विकास के लिए एक कैलेण्डर तैयार कराने तथा प्रशिक्षणार्थियों का चयन कर उनकी ट्रेनिंग शुरू कराने का निर्देश दिया।
उन्होंने रॉ मैटीरियल बैंक की स्थापना कर स्थानीय कारीगरों, शिल्पियों एवं बुनकरों को अच्छी गुणवता एवं उनकी जरूरत के अनुसार रॉ मैटीरियल उपलब्ध कराने को कहा है। उन्होंने प्रदेश में सिल्क का उत्पादन बढ़ाने के लिए शहतूत का वृहद स्तर पर प्लान्टेशन कराने तथा सिल्क रॉ मैटीरियल की मांग स्थानीय स्तर पर सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। मुख्य सचिव ने अन्तर्राष्ट्रीय बाजारों में जीआई. उत्पादों की मांग बढ़ाने के लिए ब्रान्डिंग कराने और उत्पादों के विपणन के लिए नियमित अन्तराल पर ओडीओपी एक्जीबिशन आयोजित करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर मुख्य सचिव वस्त्रोद्योग रमा रमण, अपर मुख्य सचिव सूचना व एमएसएमई नवनीत सहगल आदि उपस्थित थे।
10 उत्पादों का जीआई रजिस्ट्रेशन जल्द
अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल ने बताया कि प्रदेश के 28 क्राफ्ट/ उत्पादों को जीआई. रजिस्ट्री द्वारा पंजीकरण किया जा चुका है। इसमें से 10 उत्पादों का पंजीयन निर्यात प्रोत्साहन ब्यूरो के माध्यम से कराया गया है। 10 अन्य उत्पादों के पंजीयन की कार्यवाही चल रही है। जीआई. उत्पादों के प्रशिक्षण व कौशल विकास के लिए प्रशिक्षणार्थियों का चयन चल रहा है। 15 नवम्बर के बाद ग्लास बीड्स मेटल रिपोजी, वुडेन लेकरवेयर एवं साफ्ट स्टोन के उत्पाद के लिए प्रशिक्षण प्रारंभ हो जाएगा।