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लखनऊः 5000 ऑपरेशनों पर भी लॉकडाउन, मरीज परेशान

Mon, 13 Apr 2020 12:41 PM IST
ishwar ashish हिमांशु अवस्थी/अमर उजाला, लखनऊ
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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केस-1 

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लखीमपुर खीरी निवासी राम प्रकाश (55) के दिल का वाॅल्व बदला जाना था। केजीएमयू में डॉक्टर ने ऑपरेशन के लिए अप्रैल की डेट दी थी। किसी तरह तीमारदार मरीज को दी गई तारीख पर तीन दिन पहले लेकर विभाग में पहुंचे तो उन्हें लॉकडाउन का हवाला देकर वापस कर दिया गया।
केस-2 
अलीगंज के रहने वाले रामेश्वर (50) की हादसे में चोट लगने के बाद चलने फिरने में असमर्थ हैं। बलरामपुर अस्पताल की ओपीडी में दिखाया। डॉक्टर ने कुछ जांचें कराईं तो पता चला के कूल्हा बदला जाएगा। डॉक्टर ने जांचें कराकर अप्रैल के दूसरे सप्ताह में ऑपरेशन की सलाह दी थी।
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लखनऊ के सरकारी संस्थानों से लेकर निजी अस्पतालों तक में ऑपरेशन के लिए मरीजो की वेटिंग बढ़ती जा रही है। लॉकडाउन होने से सरकारी संस्थानों में हर रोज मेजर और माइनर मिलाकर 30-40 ऑपरेशन टल रहे हैं।

लॉकडाउन के दौरान अब तक करीब पांच हजार से अधिक लोगों के ऑपरेशन टाले जा चुके हैं। ये मरीज भी ऑपरेशन की वेटिंग में आ गए हैं। अफसरों का कहना है लॉकडाउन खुलने के बाद पहले गंभीर बीमारी से ग्रसित लोगों का ऑपरेशन किया जाएगा।

केजीएमयू में 100, लोहिया में 50 की वेटिंग

प्रतीकात्मक तस्वीर
केजीएमयू, लोहिया संस्थान और पीजीआई समेत सरकारी व निजी अस्पतालों को मिलाकर हर रोज छोटे-बड़े करीब 400 ऑपरेशन होते थे। सभी संस्थानों की ओटी बंद चल रही है।

सिर्फ इमरजेंसी ऑपरेशन हो रहे हैं। वहीं सरकारी अस्पताल में इमरजेंसी ऑपरेशन भी बंद कर दिए गए हैं। डेट भी बढ़ा दी गई है। डॉक्टरों का कहना है कि 21 दिन के लॉकडाउन में करीब पांच हजार से अधिक ऑपरेशन टल गए हैं। उन्हें नई तारीख दी जाएगी।

बलरामपुर, सिविल, लोकबंधु में 800 मरीजों की वेटिंग
बलरामपुर, सिविल अस्पताल की ओटी में हर रोज करीब 25 से 30 ऑपरेशन होते हैं। ऐसे में लॉकडाउन में मरीजों की वेटिंग 400 से अधिक पहुंच गई है।  

केजीएमयू में हर रोज रूटीन में छोटे-बड़े 100 ऑपरेशन होते थे। लॉकडाउन की वजह से ये ऑपरेशन बंद हैं। लोहिया संस्थान में करीब 50 से अधिक ऑपरेशन टल रहे है। 
 

हार्ट के ऑपरेशन भी अटके

प्रतीकात्मक तस्वीर
केजीएमयू व पीजीआई के सीटीवीएस विभाग में दिल के ऑपरेशन के लिए पहले से चार से छह माह की वेटिंग चल रही थी। इन विभागों में हर रोज चार से पांच केस होते थे। वो भी बंद हो गए हैं। केजीएमयू के सीटीवीएस विभाग के प्रभारी प्रो. सिंह का कहना है कि इमरजेंसी में आने वाले मरीजो के ऑपरेशन किए जा रहे हैं। 

फैक्ट फाइलीर 
हर दिन होने वाले ऑपरेशन
केजीएमयू  
100
लोहिया संस्थान
50
बलरामपुर
25-30
सिविल अस्पताल
30
लोकबंधु, बीआरडी 
10-15
महिला अस्पताल
10
निजी अस्पतालों में 
70-80
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गंभीर मरीजों को प्राथमिकता

प्रतीकात्मक तस्वीर
लॉकडाउन से मरीजों के ऑपरेशन की वेटिंग बढ़ गई है। अब पहले ज्यादा गंभीर मरीजों को प्राथमिकता दी जाएगी।
-डॉ. संदीप तिवारी, प्रवक्ता, केजीएमयू

रूटीन में होने वाले ऑपरेशन बंद
रूटीन में होने वाले ऑपरेशन बंद है। मरीजों का लोड बढ़ा है। लॉकडाउन खुलने के बाद अब पहले गंभीर मरीजो के ऑपरेशन किए जाएंगे। -डॉ. डीएस नेगी, निदेशक, सिविल अस्पताल
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