अयोध्या पहुंचे सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता के. परासरन
- फोटो : अमर उजाला
राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण का आदेश लेकर अयोध्या पहुंचे सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता के. परासरन व अन्य वकीलों ने कार्यशाला में रखे राम मंदिर मॉडल व तराशे गए पत्थरों को देखने पहुंचे। जहां विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष चम्पत राय ने मंदिर निर्माण की कार्य योजनाओं को विस्तार पूर्वक बताते हुए मंदिर निर्माण के पत्थरों को राम जन्मभूमि तक ले जाने वाले वाहनों में हवाई जहाज के पहियों का उपयोग किये जाने की भी जानकारी दी।
राम मंदिर के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट में फैसला आने के बाद अधिवक्ताओं के अयोध्या दौरे के दौरान राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण में उपयोग किये जाने वाले पत्थरों को भी देखने पहुंचें। इस दौरान चम्पत राय ने मंदिर का मॉडल व तराशे गए पत्थरों में किस प्रकार से कौन कौन से पत्थर लगाए जाएंगे और इस पत्थर में बारीकी से तराशे गए आकृतियों के बारे में भी पूरी जानकारी विस्तार पूर्वक दी।
वहीं अधिवक्ताओं ने इन पत्थरों को राम जन्मभूमि परिसर तक ले जाने की बात पूछी तो चंपत राय ने बताया कि बड़ी-बड़ी मशीनों व ट्रालियों के माध्यम से इन पत्थरों को ले जाया जाएगा। इन ट्रालियों में पत्थरों के वजन को ध्यान में रखते हुए हवाई जहाज के टायरों को लगाए जाने की बात कही। तो वहीं देश विदेशों से आये राम शिलाओं को भी दिखाया जिसे देख सभी अधिवक्ता राम भक्तों के प्रति भावुक होते हुए नजर आए।
जिसके बाद सभी अधिवक्ता गण राम जन्मभूमि परिसर में बनने वाले राम कथा कुंज में लगाने वाले रामायण के प्रसंगों पर तैयार हो रही 100 निर्माणाधीन मूर्तियों को भी देखा। इसके पूर्व अयोध्या के राजघराने से भी मुलाकात की। जिसके बाद लखनऊ के लिए रवाना हो गए।
शिलाओं को देखने के बाद 92 वर्षीय अधिवक्ता के. परासरन ने दो टूक में कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का समय आ गया है। वहीं पी. वी. योगेश्वरम ने कहा कि आज हम विजय के साथ अयोध्या आये हैं। और इस फैसले से हम सभी खुश हैं। आज विजयी रामलला के मुलाकात हुई है। अब रामलला को उनके भव्य मंदिर में देखना चाहेंगे।