फिरौती के लिए अपहरण की बढ़ती घटनाओं की रोकथाम के लिए डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जिलों की सर्विलांस टीमों की जवाबदेही तय करने और खुलासे के लिए एसटीएफ का सहयोग लेने को कहा है।
डीजीपी ने सोमवार को सभी जिलों और संबंधित अफसरों को अलग-अलग टीमों का गठन कर ऐसे मामलों का जल्द खुलासा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अपहरण की सूचना मिलते ही सर्विलांस टीम 24 घंटे निगरानी शुरू करे। फिरौती के लिए अपहरण से संबंधित अपराधों में तुरंत एफआईआर दर्ज करें।
अपहृत की सकुशल बरामदगी कराने के लिए थानाध्यक्ष, क्षेत्राधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक कार्ययोजना बनाएं और पुलिस अधीक्षक के साथ समन्वय कर टीमों को कार्य बांटें। जरूरत के मुताबिक संबंधित जिला प्रभारी एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट, महिला चाइल्ड हेल्पलाइन एवं गैरसरकारी संगठनों की सहायता ले सकते हैं।
गौरतलब है कि पिछले दिनों गाजियाबाद, गोंडा, कानपुर नगर, कानपुर देहात और गोरखपुर समेत कुछ अन्य जगहों पर ऐसी घटनाएं हुईं। दो मामलों में अपहृत की हत्या तक कर दी गई। बढ़ते अपराधों पर रोक लगाने में जिलों की पुलिस को कोई उल्लेखनीय सफलता नहीं मिल सकी।