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अनुपूरक बजट-2025-26: 24,497 करोड़ का बजट पेश, सेहत-बिजली व उद्योगों के लिए 13 हजार करोड़ रुपए

Mon, 22 Dec 2025 07:58 PM IST
आकाश द्विवेदी अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

योगी सरकार ने 2025-26 के लिए 24,496.98 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश किया। स्वास्थ्य को करीब 13 हजार करोड़, पावर सेक्टर को 4,521 करोड़ मिले। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि बजट विकास, वित्तीय अनुशासन और राजस्व सरप्लस की मजबूती पर केंद्रित है।
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वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट पेश किया - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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प्रदेश सरकार ने सोमवार को विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए 24,496.98 करोड़ का अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट पेश किया। अनुपूरक बजट में औद्योगिक विकास की रफ्तार बनाए रखने, बिजली की चुनौतियों को पूरा करने और स्वास्थ्य के लिए करीब 13000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है जो कुल अनुपूरक बजट का आधे से भी ज्यादा है।

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वित्त मंत्री ने बताया कि वर्ष 2025–26 के लिए प्रदेश का मूल बजट 808,736.06 करोड़ का था, जबकि प्रस्तुत अनुपूरक बजट मूल बजट के अनुपात में 3.03 प्रतिशत है। अनुपूरक बजट को मिलाकर वित्तीय वर्ष 2025-26 का कुल बजट अब 833,233.04 करोड़ का हो गया है। उन्होंने कहा कि यह बजट विकासात्मक प्राथमिकताओं को और अधिक सुदृढ़ करने पर केंद्रित है।

एसजीपीजीआई लखनऊ को दिये 120 करोड़

योगी सरकार ने अनुपूरक बजट में प्रदेश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों को वेतन अनुदान, गैर-वेतन अनुदान, व्यावसायिक एवं विशेष सेवाओं तथा विभिन्न मदों के लिए अतिरिक्त धनराशि दी गई है। सीतापुर स्थित नेहरू इंस्टिट्यूट ऑफ ऑप्थल्मोलॉजी एंड रिसर्च को वेतन अनुदान के लिए 1.74 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट दिया है। वहीं कैंसर संस्थान लखनऊ को विभिन्न मदों के लिए 10 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट दिया है। लखनऊ के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों पर भी सरकार का विशेष फोकस रहा है।

 

मेरठ, झांसी, गोरखपुर और प्रयागराज मेडिकल कॉलेज को भी आवंटित की धनराशि 

योगी सरकार ने सरकार ने गंभीर और दीर्घकालिक रोगों के उपचार पर भी ध्यान दिया है। हीमोफीलिया रोग की निःशुल्क चिकित्सा सुविधा के तहत औषधि और रसायनों की खरीद के लिए 10 करोड़ रुपये की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है, जिससे हजारों मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद है। 

प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेजों को भी बड़ी धनराशि आवंटित की गई है। राजकीय मेडिकल कॉलेज, आजमगढ़ को व्यावसायिक एवं विशेष सेवाओं के लिए 50 लाख रुपये, बांदा मेडिकल कॉलेज को 2.18 करोड़ रुपये, सैफई (इटावा) स्थित रूरल इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज को गैर-वेतन अनुदान के लिए 73.09 लाख रुपये दिए गए हैं।
 

अनुपूरक बजट - फोटो : ANI

जेके इंस्टिट्यूट ऑफ रेडियोलॉजी एंड कैंसर रिसर्च में विशेष सेवाओं पर फोकस

योगी सरकार ने नोएडा में सुपर स्पेशियलिटी बाल चिकित्सालय एवं पोस्ट ग्रेजुएट शैक्षणिक संस्थान की स्थापना के लिए वेतन अनुदान के लिए 2 करोड़ रुपये तथा ग्रेटर नोएडा में चिकित्सा विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए 7 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बदायूं, फिरोजाबाद, बस्ती, अयोध्या, बहराइच और शाहजहांपुर के मेडिकल कॉलेजों को भी विभिन्न मदों के लिए करोड़ों रुपये की अतिरिक्त धनराशि दी गई है।
 

मुख्य बातें

  • औद्योगिक विकास के लिए 4,874 करोड़, पावर सेक्टर को 4,521 करोड़
  • स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को 3,500 करोड़ की बड़ी सौगात
  • नगर विकास के लिए 1,758.56 करोड़, शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
  • तकनीकी शिक्षा के लिए 639.96 करोड़, स्किल और इनोवेशन को बढ़ावा
  • महिला एवं बाल विकास के लिए 535 करोड़ का प्रावधान
  • सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए यूपीनेडा को 500 करोड़
  • मेडिकल एजुकेशन को 423.80 करोड़, गन्ना एवं चीनी मिल को 400 करोड़

पंचायत चुनाव के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान

अनुपूरक बजट में योगी सरकार ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए 200 करोड़ रुपये का अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान किया गया है। इससे चुनाव प्रक्रिया बेहतर ढंग से संपन्न हो सकेगी। हर स्तर पर तैयारियां दुरुस्त रहेंगी। पंचायतों को बुनियादी तौर पर मजबूत करने के उद्देश्य से ये फैसला लिया गया है।

कुछ ही महीने में पंचायत चुनावों का बिगुल बजने वाला है। चुनावों में किसी तरह की कोई कमी न रहे। इसलिए अनुपूरक बजट में अतिरिक्त धनराशि प्रस्तावित की गई है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यालय भवन निर्माण के लिए 24.50 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि का भी प्रावधान किया गया है।

सचिवालय में 300 कंप्यूटर व उपकरण के लिए चार करोड़

प्रदेश सरकार द्वारा सोमवार को प्रस्तुत अनुपूरक बजट में ई-गर्वनेंस योजना के तहत सचिवालय में 300 कंप्यूटर व अन्य उपकरण के लिए चार करोड़ का प्रावधान किया गया है। इससे सचिवालय में कामकाज को सुगम करने में काफी सहयोग मिलेगा।

 

एनसीसी प्रशिक्षण के लिए नौ करोड़

माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से वर्तमान सत्र में एनसीसी प्रशिक्षण को और गति दी जाएगी। इसके लिए अनुपूरक बजट में नौ करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। जबकि माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज व क्षेत्रीय कार्यालयों में ई-ऑफिस प्रणाली, यात्रा देयकों व अन्य मद में दो करोड़ 90 लाख का प्रावधान किया गया है।

वैश्विक कंपनियों से जुड़कर एमएसएमई को बाजार और निर्यात का नया अवसर

प्रदेश सरकार ने एमएसएमई (माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम इंटरप्राइजेज) सेक्टर को सशक्त बनाने को लेकर अनुपूरक बजट मे प्रावधान किए हैं। लघु उद्योग भारती, उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष रविन्द्र सिंह ने कहा कि सरकार की निवेश अनुकूल नीतियों और नये अनुपूरक बजट प्रावधानों से एमएसएमई को बढ़ावा और प्रोत्साहन मिलेगा। 

एमएसएमई सेक्टर को बड़े निवेश से जोड़ने के लिए फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट और फॉर्च्यून-500 कंपनियों की निवेश प्रोत्साहन नीति-2023 के अंतर्गत 371.69 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसका अप्रत्यक्ष लेकिन महत्वपूर्ण लाभ एमएसएमई इकाइयों को सप्लाई चेन, वेंडर डेवलपमेंट और निर्यात के रूप में मिलेगा। 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में एमएसएमई सेक्टर को ठोस बजटीय समर्थन मिला है। यही कारण है कि प्रदेश तेजी से एमएसएमई हब के रूप में उभर रहा है। इस समय प्रदेश में लगभग 96 लाख एमएसएमई हैं।
 

श्री कल्कि धाम व श्री सोरों में 10 करोड़ से बढ़ेंगी पर्यटन सुविधाएं

प्रदेश सरकार ने अनुपूरक बजट में श्री सोरों जी तीर्थ कासगंज और श्री कल्कि धाम संभल आदि में पर्यटन विकास के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इससे तीर्थ क्षेत्रों में सड़क, प्रकाश व्यवस्था, सूचना केंद्र, शौचालय, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। 

वहीं यूपी ईको टूरिज्म विकास बोर्ड के लिए 1 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे ईको पर्यटन स्थलों का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। प्राकृतिक स्थलों, वन क्षेत्रों और ग्रामीण पर्यटन में सुविधाओं का विकास किया जाएगा। साथ ही पेड ऑफ कैपिटल फॉर एसपीबी के माध्यम ये यात्री सुविधा बढ़ाने के लिए विशेष प्रयोजन इकाई रखने को एक लाख रुपये का भी प्रस्ताव किया गया है।

3500 करोड़ से होगा स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार

मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना को 300 करोड़ तो एनआरएचएम को 2000 करोड़ मिला
प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए अनुपूरक बजट में 3500 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसमें मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना को 300 करोड़ तो एनआरएचएम को 2000 करोड़ रुपये दिए गए हैं।

प्रदेश सरकार की ओर से चिकित्सा के आधारभूत ढांचे को सुधारने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। इसके तहत मेडिकल कॉलेजों की व्यवस्थाएं बढ़ाई जा रही हैं। ग्रामीण इलाके के अस्पतालों को उच्चीकृत किया जा रहा है। 
अनुपूरक बजट में आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों के लंबित और भविष्य में प्राप्त होने वाले चिकित्सा दावों के भुगतान के लिए 300 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आवश्यकता को अनुपूरक बजट में शामिल किया गया है। इससे निजी व सरकारी दोनों प्रकार के सूचीबद्ध अस्पतालों को समय पर भुगतान सुनिश्चित होगा और मरीजों को बिना किसी बाधा के उपचार मिल सकेगा।

राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) के तहत संचालित विभिन्न योजनाओं के बेहतर कार्यान्वयन के लिए 2,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों व जिला अस्पतालों की सेवाओं को और सशक्त किया जाएगा। साथ ही मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, पोषण, संक्रामक रोग नियंत्रण और स्वास्थ्य कर्मियों की सुविधाओं को भी मजबूती मिलेगी। 

आयुष्मान भारत नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन मिशन के तहत सूचीबद्ध चिकित्सालयों के लंबित एवं प्राप्त होने वाले चिकित्सा दावों के भुगतान के लिए 1,200 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आवश्यकता को अनुपूरक बजट में शामिल किया गया है।
 

हीमोफीलिया के लिए 10 करोड़

बजट में हीमोफीलिया मरीजों की निशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 10 करोड़ का प्रावधान किया गया है। लखनऊ स्थित एसजीपीजीआई के लिए गैर वेतन मद में 2001 लाख और वेतन के लिए 10001 लाख, सीबीएमआर के लिए वेतन मद में 100 लाख, लोहिया संस्थान में वेतन मद में 2000 लाख, केजीएमयू वेतन मद में 2500 लाख का प्रावधान किया गया है। इसी तरह अन्य राजकीय व स्वशासी मेडिकल कॉलेजों के लिए वेतन मद और वृहद निर्माण कार्य, मशीनों और उपकरणों के लिए एक से पांच लाख तक का प्रावधान किया गया है।
 

वाद्ययंत्रों की खरीद के लिए पांच करोड़

अनुपूरक बजट में संस्कृति विभाग को लोक कलाकारों को वाद्ययंत्रों की खरीद के लिए 5 करोड़ रुपये और राज्य पुरातत्व निदेशालय छतर मंजिल, लखनऊ के रेस्टोरेशन के लिए 3 करोड़ 44 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही सार्वजनिक रामलीला स्थलों के रखरखाव के लिए प्रतीकात्मक रूप से 1 लाख रुपये की मांग की गई है। वहीं प्रदेश में संग्रहालयों के संरक्षण और क्यूरेशन के लिए 1 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।

प्रदेश सरकार द्वारा विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 24,496.98 करोड़ का अनुपूरक बजट साफ संकेत देता है कि सरकार की प्राथमिकता औद्योगिक निवेश, ऊर्जा सुधार, वित्तीय स्थिरता और रोजगार सृजन है। अनुपूरक बजट में राजस्व व्यय 18,369.30 करोड़ और पूंजीगत व्यय 6,127.68 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

विभागवार बजट 

  • वित्त विभाग (ऋण सेवा व अन्य व्यय): 5,000.00 करोड़
  • विविध सामान्य सेवाएँ (पेंशन मद): 0.01 करोड़
  • सामान्य आर्थिक सेवाएँ / सचिवालय आर्थिक सेवाएं: 7.22 करोड़
  • अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास: 4,874.21 करोड़
  • लघु उद्योग व निर्यात प्रोत्साहन: 3.00 करोड़
  • हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग: 85.01 करोड़
  • कुल एमएसएमई/हथकरघा प्रभाव: 88.01 करोड़

 

भारी उद्योग

  • सूचना प्रौद्योगिकी व इलेक्ट्रॉनिक्स : लगभग 100
  • भू-राजस्व व कर प्रशासन : 6.74 करोड़
  • श्रम कल्याण: 26.16 करोड़ (पूंजीगत)
  • कुल श्रम/रोजगार प्रभाव: 150.00 करोड़
  • राजस्व विभाग : 23.50 करोड़
  • जनगणना, सर्वेक्षण व सांख्यिकी: 12.48 करोड़
  • खादी एवं ग्रामोद्योग : 90.11 करोड़
  • प्रदूषण नियंत्रण / पर्यावरण : 4.46 करोड़
  • हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग : 85.01 करोड़ (पीएम-मित्र पार्क, टेक्सटाइल योजनाएँ)

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना - फोटो : सोशल मीडिया

पीएम सूर्य घर योजना अनुदान के लिए 500 करोड़

पीएम सूर्य घर योजना के लाभार्थियों को अनुदान देने के लिए सरकार ने अनुपूरक बजट में 500 करोड़ का प्रावधान किया है।
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत प्रदेश में अब तक 10 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। करीब 3,14,376 घरों में सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं। इसके माध्यम से 3,17,690 परिवारों को योजना का लाभ मिला है। 
योजना में अब तक 1,083.63 मेगावाट सोलर इंस्टॉलेशन क्षमता का सृजन किया जा चुका है। इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा 2,188.79 करोड़ की केंद्रीय अनुदान दिया गया है। राज्य सरकार की ओर से लगभग 600 करोड़ का अनुदान दिया गया है। लगातार आ रहे आवेदनों की वजह से अनुदान में करीब 500 करोड़ अतिरिक्त आवश्यकता होगी।

अन्य मदों में किए गए प्रावधान

अनुपूरक बजट में रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के तहत वितरण हानियों की फंडिंग के लिए कुल 374445 लाख की अतिरिक्त आवश्यकता है। नेटवर्क बढ़ाने के लिए 50000 लाख की अतिरिक्त आवश्यकता है।

उत्तर प्रदेश सुगम्य व्यापार अधिनियम-2025

शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन सोमवार को उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने सदन के समक्ष उत्तर प्रदेश सुगम्य व्यापार (प्रावधानों का संशोधन) अधिनियम 2025 प्रस्तुत किया। मंत्री ने कहा कि पिछले 8 वर्षों के दौरान सरकार की नीयत और नीति एक रही है। निर्णय और निष्पादन एक रहा है। पहले दिन से ही इज ऑफ डूइंग बिजनेस और इंडस्ट्री फ्रेंडली ईकोसिस्टम हमारी प्रतिबद्धता रही है। हमने समय-समय पर ठोस और प्रभावी निर्णयों के माध्यम से इस दिशा में अपेक्षित परिणाम प्राप्त किए हैं।

इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश सुगम्य व्यापार (प्रावधानों का संशोधन) अधिनियम, 2025 प्रदेश के औद्योगिक विकास और निवेश प्रोत्साहन की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। यह निवेशकों के भरोसे और विश्वास को एक नई मजबूती प्रदान करने वाला प्रासंगिक संशोधन है। भारत सरकार द्वारा जन विश्वास (प्रावधान संशोधन अधिनियम) 2023 के अंतर्गत 42 केंद्रीय अधिनियमों में अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने की शुरुआत की गई है।

उत्तर प्रदेश सुगम्य व्यापार (प्रावधानों का संशोधन) अधिनियम 2025 के अंतर्गत राज्य सूची के 10 अधिनियमों में सुधार किया गया है। इसके साथ ही 14 विभागों के 40 से अधिक प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से बाहर किया गया है। कारावास का प्रावधान केवल उन अपराधों के लिए रखा गया है, जो शारीरिक क्षति पहुंचाते हैं अथवा जीवन को संकट में डालते हैं।

जो धोखाधड़ी से किए जाते हैं और नकारात्मक बाह्य प्रभाव पैदा करते हैं। अन्य सभी अपराधों जैसे प्रक्रियात्मक चूक, दस्तावेजीकरण त्रुटियां, या सामान्य उल्लंघन को गैर-आपराधिक बनाया गया है। इनके संदर्भ में दंड स्वरूप केवल आर्थिक दंड का प्रावधान किया गया है।

अधिनियमों की सूची जिनमें प्रावधानों को संशोधित किया गया है इस प्रकार है 

1. उत्तर प्रदेश गन्ना (आपूर्ति एवं क्रय का रेगुलेशन) अधिनियम, 1953
2. उत्तर प्रदेश सिनेमा (रेगुलेशन) अधिनियम, 1955
3. उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम, 1959
4. उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत तथा जिला पंचायत अधिनियम, 1961
5. उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास अधिनियम, 1976
6. उत्तर प्रदेश मदिरा (आपत्तिजनक विज्ञापनों का नियंत्रण) अधिनियम, 1976
7. उत्तर प्रदेश वृक्ष संरक्षण अधिनियम, 1976
8. उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006
9. उत्तर प्रदेश भू-जल (प्रबंधन एवं रेगुलेशन) अधिनियम, 2019
10. उत्तर प्रदेश अग्निशमन एवं आपात सेवाएं (निवारण) अधिनियम, 2022

 

ओबीसी छात्रों के लिए और दिए 362 करोड़

प्रदेश सरकार ने समाज कल्याण विभाग के लिए अनुपूरक बजट में विशेष प्रावधान किया है। राजकीय, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों की दशमोत्तर कक्षाओं में अध्ययनरत ओबीसी विद्यार्थियों के लिए वर्ष 2024–25 के अवशेष भुगतान और वर्ष 2025–26 के पात्र छात्रों के लिए करीब 362 करोड़ रुपये की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है।

अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति का भुगतान सुनिश्चित करने के लिए अनुपूरक बजट में व्यवस्था की गई है। अनुसूचित जाति के लिए विभिन्न मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों में मानक मदों के लिए 15.46 करोड़ की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है।

राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित योजनाओं में अनुसूचित जाति के लिए सबसे बड़ा प्रावधान करते हुए 1223.55 करोड़ का अनुपूरक अनुदान दिया गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को और सुदृढ़ किया जा सके।

अनुपूरक बजट - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

राजस्व और पूंजीगत व्यय का साधा संतुलन

पअनुपूरक बजट में राजस्व व्यय के रूप में 18,369.30 करोड़, पूंजीगत व्यय के रूप में 6,127.68 करोड़ का प्रावधान किया गया है। सरकार का उद्देश्य राजस्व आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ-साथ पूंजीगत निवेश को बढ़ाकर आधारभूत ढांचे को मजबूत करना है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश राजस्व सरप्लस स्टेट की उपलब्धि को बरकरार रखे हुए है।

उद्योग, ऊर्जा और स्वास्थ्य को सबसे ज्यादा बजट

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि अनुपूरक बजट में प्रदेश की आर्थिक प्रगति और जनकल्याण से जुड़े प्रमुख क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। इसके अंतर्गत औद्योगिक विकास के लिए 4,874 करोड़, पावर सेक्टर के लिए 4,521 करोड़, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के लिए 3,500 करोड़, नगर विकास के लिए 1,758.56 करोड़, तकनीकी शिक्षा के लिए 639.96 करोड़ की धनराशि प्रस्तावित की गई है।

 

महिला, शिक्षा, सौर ऊर्जा और कृषि को भी बल

अनुपूरक बजट में सामाजिक और भविष्य उन्मुख क्षेत्रों पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। इसके तहत, महिला एवं बाल विकास के लिए 535 करोड़, यूपीनेडा (सौर एवं नवीकरणीय ऊर्जा) के लिए 500 करोड़, मेडिकल एजुकेशन के लिए 423.80 करोड़, गन्ना एवं चीनी मिल क्षेत्र के लिए 400 करोड़ की बजटीय व्यवस्था की गई है।
 
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एफआरबीएम सीमा का पूरा अनुपालन, जीएसडीपी में ऐतिहासिक वृद्धि

वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार ने एफआरबीएम (राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन) की सीमा का हमेशा पालन किया है और किसी भी स्तर पर वित्तीय अनुशासन से समझौता नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि भारत सरकार के पत्रक के अनुसार उत्तर प्रदेश की जीडीपी (राज्य सकल घरेलू उत्पाद) 31.14 लाख करोड़ आंकी गई है, जो पहले के अनुमानों से अधिक है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज रेवेन्यू सरप्लस स्टेट के रूप में उभर रहा है, जो राज्य की मजबूत आर्थिक स्थिति को दर्शाता है।

विकास की गति बनाए रखने के लिए अनुपूरक बजट

जब किसी वित्तीय वर्ष में स्वीकृत धनराशि व्यय की वास्तविक आवश्यकताओं के लिए अपर्याप्त हो जाती है, तब अनुपूरक अनुदान की मांग विधानमंडल के समक्ष प्रस्तुत की जाती है। कई बार नई मदों पर व्यय की आवश्यकता होती है या योजनाओं में महत्वपूर्ण परिवर्तन के कारण विधानमंडल की स्वीकृति अनिवार्य हो जाती है।
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