यूपी में ब्यूरोक्रेसी और सियासी गलियारों में काफी कुछ घट रहा है। हम आज आपको बताएंगे कि कैसे एक नौकरशाह की रिश्वतखोरी के आरोप में गर्दन फंसी तो वो वरिष्ठ नौकरशाह के शरणागत हो गए। वहीं, कैबिनेट विस्तार को लेकर नेताओं का जुगत लगाना जारी है। वहीं, एक अधिकारी तो चार्ज का ही इंतजार कर रहे हैं।
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बचने के लिए शरणागत
घूस लेने के आरोप में फंसे एक नौकरशाह की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। समय के साथ जैसे ही लगता है कि मामला ठंडा हो रहा है तभी कोई ऐसा बखेड़ा खड़ा हो जाता है कि साहब फिर से वायरल हो जाते हैं। छोटे की अकूत कमाई के चर्चे ब्यूरोक्रेसी के गलियारों में आम हैं। वह फंदा कसता देख एक वरिष्ठ नौकरशाह की शरण में चले गए हैं। दफ्तर में सबसे पीछे की सीट पर खामोशी से बैठे रहते हैं। नफा होगा या नुकसान... ये आगे की बात है।
कैबिनेट विस्तार पर बढ़ी धुकधुकी
प्रदेश में कैबिनेट विस्तार में भले ही अभी समय लग रहा हो लेकिन पढ़ाई-लिखाई वाले विभाग में इसे लेकर जबरदस्त हलचल है। सभी अपना गुणा-गणित लगा रहे हैं। चर्चा है कि विभाग के मुखिया का कद तो बढ़ेगा लेकिन वह दूसरे विभाग में जा सकते हैं। ऐसे में दो नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। एक पूर्व मंत्री और एक चर्चित ब्राह्मण विधायक। कहा जा रहा है कि इनके आने की चर्चा के बीच न सिर्फ विभाग के अधिकारी अपना गणित दुरुस्त करने में लग गए हैं बल्कि कुछ तो संभावित माननीय के यहां नमस्कारी भी शुरू कर दिए हैं।
चार्ज का इंतजार
सेहत महकमे के वरिष्ठ अधिकारी घर चले गए हैं। उनका कार्यकाल पूरा होने के एक दिन पहले दूसरे नंबर वालों ने एड़ी चोटी का जोर लगाया लेकिन नतीजा नहीं निकला। बड़े साहब को कुर्सी छोड़े तीन दिन बीत गए हैं लेकिन अभी तक नीचे वालों का नंबर नहीं लगा है। ऐसे में विभाग में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। अब देखना यह है कि सीरियल कायम रहता है या लाइन तोड़कर कोई नया कुर्सी पर काबिज होने में सफल हो जाता है।
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