यूपी में बड़े साहबों के बड़े किस्से हैं। उनका काम और अंदाज अक्सर चर्चा में रहता है। कप्तानी छीन भी ली जाती है तो बड़ी कुर्सी ज्यादा दिन दूर नहीं रहती। वहीं, स्मार्ट मीटर वालों की क्लास में वो सब हुआ जिसकी चिंगारी आग बन सकती है। पढ़ें, आज की कानाफूसी:
डिफॉल्टर साहब पर मेहरबानी
महकमे में एक आईपीएस साहब फिर चर्चा में हैं। हाल में उनसे कप्तानी छिन गई। वजह वही पुरानी... लापरवाही और उनका अंदाज। हालांकि साहब की खासियत है कि कुर्सी जाती जरूर है लेकिन ज्यादा दिन खाली नहीं रहती। कॅरिअर की शुरुआत में वीवीआईपी रिहर्सल में दो पैग लगाकर पहुंचने का किस्सा आज भी मशहूर है। कमिश्नरेट में डीसीपी बने तो पैगबाजी ने वहां भी शंट करा दिया। एक जिले की कप्तानी मिली, रवैया भारी पड़ा और चलता कर दिए गए। जुगाड़ से संगम जोन का जिला मिला लेकिन जघन्य वारदात में मौके पर न पहुंचना महंगा पड़ गया। अब चर्चा यही कि साहब की आदत नहीं बदली लेकिन मेहरबान मजबूत रहे हैं।
मीटर से उठता धुआं
प्रदेश में स्मार्ट मीटर दर्द दे रहा है। यह दर्द उपभोक्ताओं को ही नहीं बल्कि इसे स्थापित करने और निगरानी करने वालों को भी मिल रहा है। दो दिन पहले एक बैठक हुई। बताया जाता है कि मीटर लगाने वालों की क्लास लगी। क्लास लगाने वाले आला अफसर ने उन शब्दों का भी प्रयोग किया जो नहीं करने चाहिए थे। अब उनके शब्द को पकड़कर इंजीनियर अंदर-अंदर चिंगारी सुलगा रहे हैं। अब देखना है कि यह चिंगारी आग का गोला बनती है या नहीं।
हमको कोई नीचे बुला ले
प्रदेश के पढ़ाई-लिखाई वाले विभाग के हाल अजीब हैं। अक्सर विभागों में अधिकारी खुद को लिफ्ट करके ऊपर जाने के लिए जोर लगाते हैं लेकिन यहां तो परेशान अधिकारी-कर्मचारी खुद को नीचे बुलाने की मांग कर रहे हैं। विभाग की तीन मंजिला बिल्डिंग में तीसरे तल पर बैठने वाले आजकल खासे परेशान हैं। उनका कहना है कि कोई भी किसी तरह करके हमको नीचे बुला ले। कइयों ने तो अपने मूल विभाग में जाने के लिए आवेदन भी कर दिया है ताकि उन्हें भी कुछ राहत मिल सके।
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