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सुना है क्या: आज माननीय के अज्ञातवास में होने की कहानी; 'सेहत में साक्षात्कार' और 'उल्टा पड़ता दांव' के किस्से

Mon, 29 Dec 2025 02:43 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

यूपी के राजनीतिक गलियारे और प्रशासन में तमाम ऐसे किस्से हैं, जो हैं तो उनके अंदरखाने के... लेकिन, चाहे-अनचाहे बाहर आ ही जाते हैं। ऐसे किस्सों को आप अमर उजाला के "सुना है क्या" सीरीज में पढ़ सकते हैं। तो आइए पढ़ते हैं इस बार क्या है खास...
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सुना है क्या/suna hai kya - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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यूपी के राजनीतिक गलियारे और प्रशासनिक गलियों में आज तीन किस्से काफी चर्चा में रहे। चाहे-अनचाहे आखिर ये बाहर आ ही जाते हैं। इन्हें रोकने की हर कोशिश नाकाम होती है। आज की कड़ी में माननीय के अज्ञातवास होने की कहानी। इसके अलावा 'सेहत में साक्षात्कार' और 'उल्टा पड़ता दांव' के किस्से भी चर्चा में रहे। आगे पढ़ें, नई कानाफूसी...

अज्ञातवास में हैं माननीय

प्रदेश में सत्ताधारी दल में हुए बहुप्रतीक्षित बदलाव का असर दूर तक दिख रहा है। अब तक सरकार में शामिल गठबंधन के काफी मुखर रहे एक माननीय के तो हावभाव ही बदले हुए हैं। उन्होंने इस बदलाव पर कोई टिप्पणी नहीं की। यही नहीं, वह आजकल मुख्य परिदृश्य से ही गायब हैं। इसका असर विभाग के कामकाज पर भी पड़ रहा है। हाल में हुई सदन की बैठकों में भी उनकी सक्रियता बहुत कम रही है। इस पर विभाग के ही एक कर्मचारी का कहना है कि माननीय आजकल अज्ञातवास पर हैं।

सेहत में साक्षात्कार

सेहत महकमे की एक यूनिट का साक्षात्कार इन दिनों सुर्खियों में है। साक्षात्कार स्थगित हो गया है। कुछ दिन तक मामला ठंडे बस्ते में रहा। फिर अचानक से पैनल बना और साक्षात्कार हो गया। चर्चा तो ये भी है कि जितने पद थे, उससे तीन गुना लोगों को बुलाया गया। हालांकि, आए सिर्फ उतने ही जितने पद थे। पद के सापेक्ष ज्यादा लोगों का न आना भी महकमे को सुर्खियां दे रहा है। इस साक्षात्कार को लेकर तरह तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

उल्टा पड़ता दांव

प्रदेश के सबसे कमाऊ महकमे में तैनात एक नौकरशाह की कुंडली पर राहु-केतु का साया मंडरा रहा है। अभी तक राजयोग का आनंद ले रहे साहब के सिर से छतरी हटते ही अच्छे दिन की जगह दुख भरे दिन शुरू हो गए। बताते हैं कि महकमे का ही एक अफसर उनके गले पड़ा हुआ है। अतीत में किए गए साहब के हस्ताक्षर उनके लिए आफत बन गए हैं। अब पीछा छुड़ाने के लिए सारे जुगाड़ आजमा रहे हैं लेकिन सफलता नहीं मिल रही है।
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