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सुना है क्या: कोई कुर्सी की दौड़ में तो एक अफसर ने आपदा में इनोवा की कर डाली मांग... आखिर किसने की रेकी

Sun, 07 Dec 2025 05:01 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

सुना है क्या... कॉलम में हम यूपी सरकार, राजनीतिक दल और सरकारी विभागों की उन कानाफूसी की चर्चा करते हैं जिन्हें छिपाने का प्रयास किया जाता है पर वो बाहर आ ही जाती हैं। पढ़ें, ऐसी कानाफूसी जो आजकल बड़ी चर्चा में हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सुना है क्या... कॉलम में हम यूपी सरकार, राजनीतिक दल और सरकारी विभागों की उन कानाफूसी की चर्चा करते हैं जिन्हें छिपाने का प्रयास किया जाता है पर वो बाहर आ ही जाती हैं। पढ़ें, ऐसी कानाफूसी जो आजकल बड़ी चर्चा में हैं।
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नई कुर्सी की दौड़
खेती किसानी वाले विभाग में कुर्सी के लिए जोर आजमाइश का दौर चल रहा है। अगले महीने कुछ लोगों को नई कुर्सी मिलनी है। नई कुर्सी के दावेदार शासन सत्ता के गलियारे में चप्पलें घिस रहे हैं। इतना ही नहीं प्रमुख दावेदार की कमियां भी गिना रहे हैं। एक ने तो यहां तक विवरण तैयार कर लिया है कि कौन किस सरकार में मलाईदार पद पर रहा है। ऐसा करने वाले की कोशिश है कि भले उसे कुर्सी न मिले लेकिन उसके प्रतिस्पर्धी को किसी कीमत पर कुर्सी नहीं मिलनी चाहिए। यही वजह है कि वे अपनी पैरवी से कहीं ज्यादा प्रमुख दावेदार को नुकसान पहुंचाने में लगे हैं।

आपदा में इनोवा की तलाश
सरकारी खजाने को भरने में नंबर वन विभाग में कुछ अधिकारी ऐसे हैं जो घोर संकट में भी आपदा में अवसर खोजते रहते हैं। पिछले दिनों एक बड़े कारोबारी का मामला सुर्खियों में छाया रहा। बताते हैं कि कारोबारी की साख जबरदस्त है और ऊपर तक लिंक है। यह जानते हुए भी कुछ अधिकारियों द्वारा उनसे मोटा सेवा शुल्क मांगने की चर्चा आग की तरह फैल गई। इस मामले में एक्शन भी लिया गया लेकिन इस बीच एक घाघ अफसर ने बेहिचक ईडी और सीबीआई का ख्वाब दिखाते हुए मामला सुलटाने की पेशकश की। इसके एवज में इनोवा की डिमांड कर डाली। सबकुछ जानते हुए भी केवल खौफ दिखाकर वसूली के दुस्साहस का यह मामला बहुत ऊपर तक पहुंच गया है।
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आखिर किसने कर दी रेकी
प्रदेश के पढ़ाई लिखाई वाले विभाग में इन दिनों एक रेकी की चर्चा है। चर्चा हो भी क्यों न? इसने कई अफसरों के लखनऊ भ्रमण पर रोक लगा दी है। दरअसल, विभाग के मुखिया पिछले दिनों प्रयागराज भ्रमण पर थे लेकिन उन्होंने लौटते ही एक आदेश जारी कर दिया। इसने सबके लखनऊ भ्रमण पर रोक लगा दी। अब सभी अधिकारी उसकी तलाश में हैं जिसने यह रेकी की कि वे बिना काम के आए दिन निदेशालय छोड़कर लखनऊ भ्रमण पर रहते हैं।
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