फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Suna Hai Kya: ट्रांसफर पर कहीं खुशी, कहीं गम, तबादले पर छिड़ी रार, सरकार का मूड देख तीन विभाग चौकन्ना

Thu, 04 Jun 2026 11:39 AM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

यूपी के सियासी गलियारों की तरह विभागों में भी हलचल मची रहती है। कहीं पर तबादले के बाद हालात बदल जाते हैं तो कहीं रार छिड़ गई है। दो मामलों में तो ऐसा ही हुआ है। वहीं, तीन विभागों  के अधिकारियों की सक्रियता बड़ी चर्चा में है। पढ़ें, ये किस्से: 
विज्ञापन
- फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

यूपी के सियासी गलियारों की तरह विभागों में भी हलचल मची रहती है। कहीं पर तबादले के बाद हालात बदल जाते हैं तो कहीं रार छिड़ गई है। दो मामलों में तो ऐसा ही हुआ है। वहीं, तीन विभागों  के अधिकारियों की सक्रियता बड़ी चर्चा में है। पढ़ें, ये किस्से: 

विज्ञापन


ट्रांसफर पर कहीं खुशी, कहीं गम
शहर के प्रमुख स्टेडियम में तैनात कोच साहब राजधानी में लंबे प्रवास के बाद आखिरकार विदा हो गए। एक सरकारी स्टेडियम का अतिरिक्त चार्ज संभालने वाले कोच साहब के रवैये को लेकर खेल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने खुलकर विरोध किया। एक बार तो मारपीट का विवाद पुलिस चौकी तक भी पहुंच गया। विभाग की ट्रांसफर लिस्ट में उनका नाम आने से विरोध करने वाले तो बहुत खुश हो गए लेकिन कामकाज के संचालन को लेकर संकट गहरा गया है। दरअसल, वह तो विदा हो गए लेकिन किसी दूसरे को उनकी जगह नहीं भेजा गया।

तबादले पर छिड़ी रार
सेहत से जुड़े विभाग में तबादले पर रार छिड़ी हुई है। कोई प्रधानाचार्य पर सवाल उठा रहा है तो कोई शिक्षकों पर। अस्पताल वाले तो सबसे आगे हैं। निदेशक बनने की दौड़ में शामिल आयुष चिकित्सा अधिकारियों ने तो सार्वजनिक रूप से चिट्ठी लिख मारी है। कुछ की जांच भी शुरू हो गई है। अब देखना यह है कि जांच किस दिशा में जाती है क्योंकि धुंआ उठा है तो कही न कहीं चिंगारी होगी ही।
विज्ञापन


जल्दी का काम....
सरकार का मूड देख विभाग चौकन्ना हैं। तीन विभाग तो जैसे एनर्जी ड्रिंक लेकर पूरी स्फूर्ति से काम कर रहे हैं। चार साहब तो जैसे सोते ही नहीं हैं। चर्चा चौतरफा है कि आखिर इतनी तेजी की वजह क्या है? काम का बोझ या नंबर बढ़ाने की प्रतियोगिता। उन्हें देख उनके विभाग में खुसफुसाहट है कि काम तो है लेकिन ऊपर ज्यादा है। थोड़ा नीचे वालों का भी ख्याल रखा जाए तो काम के बोझ का बंटवारा बराबरी से हो जाए।
विज्ञापन


आपके पास भी ऐसी कोई जानकारी या समाचार हो तो 8859108085 पर व्हाट्सएप करें।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें