फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Suna Hai Kya: साहब की नीयत अच्छी या जुबान, पावरफुल मैडम के कारनामे, इस विभाग के साहब निपटे तो मना जश्न

Thu, 23 Apr 2026 12:48 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

यूपी की सियासत की तरह अफसरशाही के चर्चे भी विभागों में खूब सुर्खियां बटोरते रहते हैं। ऐसे ही एक विभाग के अधिकारी का अंदाजे बयां चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं, एक विभाग की मैडम का कारनामों के बाद भी कुछ नहीं बिगड़ा है। पढ़ें, अफसरशाही के ये किस्से:
विज्ञापन
- फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

यूपी की सियासत की तरह अफसरशाही के चर्चे भी विभागों में खूब सुर्खियां बटोरते रहते हैं। ऐसे ही एक विभाग के अधिकारी का अंदाजे बयां चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं, एक विभाग की मैडम का कारनामों के बाद भी कुछ नहीं बिगड़ा है। वहीं, पढ़ाई-लिखाई वाले विभाग के साहब का तबादला हुआ तो कई अधिकारियों को राहत मिली। पढ़ें, अफसरशाही के ये किस्से: 
विज्ञापन


साहब की नीयत अच्छी या जुबान
सेहत से जुड़े विभाग के अफसर से महिला अधिकारी और कर्मचारी परेशान हैं। वह मीटिंग में कुछ न कुछ ऐसी टिप्पणी कर देते हैं कि महिला अधिकारियों व कर्मचारियों को असहज होना पड़ता है। हालांकि अफसर दिल के अच्छे बताए जाते हैं लेकिन शब्दों का चयन असहजता की वजह बनता है। पिछले दिनों की गई उनकी एक टिप्पणी चर्चा का विषय बनी हुई है। ऐसे में अब महिला अधिकारी उनकी बैठकों में जाने से कतराने लगी हैं।

कार्रवाई से परे पॉवरफुल मैडम
लखनऊ मंडल के एक जिले में तैनात मैडम पिछले साल चर्चा में आई थीं। प्रमोशन के बावजूद पहले पद के अधिकार क्षेत्र में जमीन से जुड़ा बड़ा खेल किया था। मामला उजागर हुआ तो मैडम ने विभागीय बाबू के पेंच कस दिए। इसकी रिकॉर्डिंग वायरल हो गई। मतलब जो आरोप थे, वे रिकॉर्डिंग में पुख्ता हो गए। प्रारंभिक जांच हुई तो वह दोषी पाई गईं। फिर दंडात्मक कार्रवाई के लिए विभागीय जांच के आदेश हुए। तब से मामला शांत हो गया। मैडम की तैनाती बरकरार है। कोई कार्रवाई नहीं हुई। चर्चा है कि मैडम पॉवरफुल हैं... इसलिए कुछ नहीं हुआ।
विज्ञापन


साहब निपटे तो जश्न
प्रदेश की पढ़ाई-लिखाई वाले एक विभाग के साहब का हाल ही में बहुप्रतीक्षित तबादला हुआ है। तबादला भले ही साहब का हुआ है लेकिन उनके जाने से राहत की सांस उच्च संस्थानों के कई अधिकारियों ने ली है। चर्चा है कि साहब चलते-फिरते अधिकारियों को अपने खास काम के लिए तलब करते थे। इतना ही नहीं कई बार तो वह अपने खास काम के लिए छुट्टियों में भी संस्थान पहुंच जाया करते थे। इसकी वजह से विभाग के अधिकारी खासे परेशान थे। अब साहब के जाने से इन अधिकारियों ने बड़ी राहत की सांस ली है।
विज्ञापन


आपके पास भी ऐसी कोई जानकारी या समाचार हो तो 8859108085 पर व्हाट्सएप करें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें