लखनऊ। परिषदीय विद्यालयों में बुधवार से समर कैंप अपने निर्धारित समय से शुरू हो जाएंगे। स्कूल खुलवाने की जिम्मेदारी प्रधानाध्यापकों की तय की गई है। वहीं शिक्षामित्र समर कैंप के आयोजन की जिम्मेदारी संभालेंगे। खेल-खेल में नौनिहालों के कौशल निखारने के लिए परिषदीय विद्यालय में गर्मियों की छुट्टियों में बुधवार से समर कैंप की शुरूआत हो रही है। 15 जून तक सुबह सात बजे से सुबह 10:30 बजे तक चलने वाली पाठशाला के संचालन की जिम्मेदारी अनुदेशकों और शिक्षामित्रों को दी गई है। प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 20 मई से 15 जून तक ग्रीष्म कालीन अवकाश होगा।
ये आयोजन होंगे
-योग व फिटनेस, दौड़, बाधा रेस।
-लोक नृत्य की प्रस्तुति समूह में क्षेत्रीय नृत्य का अभ्यास।
-पारंपरिक परिधान दिवस विविध सांस्कृतिक परिधानों का प्रदर्शन।
-लोककथाएं सुनाना और प्रसिद्ध लोककथाओं का अभिनय।
-हस्तशिल्प कला मिट्टी कागज से पारंपरिक वस्तुएं बनाना।
-वरिष्ठ नागरिकों से संवाद।
-डिजिटल कौशल और स्मार्ट कक्षा गतिविधियां।
-स्मार्ट बोर्ड पर पढ़ाई की जानकारी।
-विज्ञान और प्रौद्योगिकी में प्रगति
- पौधरोपण और उनकी टैगिंग।
-पुस्तकालय गतिविधियों और समूह पठन सत्र।
ये गतिविधियां भी
-कठपुतली निर्माण और कहानी प्रस्तुति समूहों में मिलकर नाटक प्रस्तुत करना।
-बच्चों में उनकी रुचि के अनुरूप विधाओं को रचनात्मक तरीके से विकसित किया जाएगा।
-विद्यार्थियों के अंदर आत्मविश्वास और जीवन कौशल का विकास होगा।
-शिक्षक-विद्यार्थियों के बीच आत्मीय संबंध बढ़ेगा और सामुदायिक सहभागिता में भी बढ़ोतरी होगी।
-बच्चों में सामाजिक, सांस्कृतिक मूल्यों की समझ विकसित की जाएगी।
- खेलकूद, कला, विज्ञान और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों का समग्र विकास किया जाएगा।
निखरेगी बच्चों की प्रतिभा
समरकैंप की तैयारियां पूरी हो गई हैं। ऐसे आयोजन से बच्चों की प्रतिभा निखरेगी तो उनका मानसिक विकास भी होगा। इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की गई है।
राम प्रवेश, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी