रेलवेे स्टेशन पर लगी लिफ्ट में बृहस्पतिवार की रात दो युवक फंस गए। ढ़ाई घंटे तक लिफ्ट में परेशान युवकों ने दिल्ली में रह रहे पिता को घटना बताई। इसके बाद उन्होंने पूर्व सांसद मेनका गांधी के ओएसडी को जानकारी दी। पूर्व सांसद ने स्थानीय कार्यकर्ताओं व उच्चाधिकारियों को फोन किया। इसके बाद हरकत में आए रेल महकमे के पास युवकों को निकालने की कोई तरकीब नहीं सूझी तो लिफ्ट को तोड़कर उन्हें बाहर निकाला गया। इस दौरान एक युवक की ट्रेन भी छूट गई।
शहर के महुअरिया निवासी प्रदीप त्रिपाठी आर्मी हेड क्वार्टर दिल्ली में नायब सूबेदार हैं। बृहस्पतिवार की रात महामना एक्सप्रेस से पत्नी व बेटे को दिल्ली जाना था। बेटा कुशाग्र त्रिपाठी अपने भाई आदर्श त्रिपाठी व मां को ट्रेेन में बैठाने आया था। ट्रेन को तीन नंबर प्लेटफॉर्म पर आना था। प्लेटफॉर्म पर सभी लोग बैठकर ट्रेन आने का इंतजार कर रहे थे। काफी देर तक ट्रेन न आने पर कुशाग्र व आदर्श समय की जानकारी करने के लिए तीन नंबर प्लेटफाॅर्म पर लगी लिफ्ट से एक नंबर प्लेटफॉर्म पर आ रहे थे। करीब नौ बजे लिफ्ट बीच में ही रुक गई तो दोनों लोग परेेशान हो गए। बाहर निकलने के लिए युवकों ने लिफ्ट तोडने का प्रयास भी किया। इसके बाद परेशान युवकों ने अपने पिता प्रदीप त्रिपाठी को इसकी जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि रेलवे के अधिकारियों को इसकी जानकारी देने के लिए फोन किया गया लेकिन किसी का फोन नहीं लगा। थकहार कर उन्होंने जिले की पूर्व सांसद मेनका गांधी के ओएसडी कैलाश को घटना की जानकारी दी। इसके बाद पूर्व सांसद मेनका गांधी ने रात 11:00 बजे भाजपा नेता शशिकांत पांडेय को फोन कर मदद करने को कहा। इसके बाद उन्होंने रेलवे के अधिकारियों को फोन किया। लगभग साढ़े 11 बजे लिफ्ट का दरवाजा तोड़कर युवकों को निकाला गया। हालांकि रेलवे के अवर अभियंता धीरेंद्र कुमार ने लिफ्ट का दरवाजा तोड़ने की बात से इन्कार किया है। बताया कि लॉक खोलकर युवकों को बाहर निकाला गया था। ढ़ाई घंटे लेट होने के बाद ट्रेन भी छूट गई। जिससे वे दिल्ली भी नहीं जा सके। पीड़ित युवक के पिता ने बताया कि लिफ्ट बंद होने के बाद रेलवे के कई अधिकारियों को फोन किया गया, लेकिन कोई राहत नहीं मिली।
स्टेशन अधीक्षक बीएस मीना का कहना है कि प्लेटफॉर्म पर लगी लिफ्ट बंद हो गई थी, जिसमें दो युवक फंस गए थे। दोनो युवकों को लॉक खोलकर बाहर निकाला गया।