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Sultanpur: शेयर कंपनी के क्लोन एप से 356.65 करोड़ की साइबर ठगी, अंतरराज्यीय गिरोह के सात आरोपी गिरफ्तार

Wed, 04 Feb 2026 07:40 PM IST
आकाश द्विवेदी अमर उजाला नेटवर्क, सुल्तानपुर

सार

शेयर ट्रेडिंग कंपनी के फर्जी क्लोन एप से 356.65 करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का सुल्तानपुर साइबर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। असम, मुंबई और पश्चिम बंगाल से सात आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ 11 बैंक व क्रिप्टो खातों के लेन-देन फ्रीज किए गए हैं।

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पुलिस ने आरोपियों को पकड़ लिया - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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शेयर ट्रेडिंग कंपनी के फर्जी क्लोन एप से 356.65 करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का साइबर पुलिस ने बुधवार को पर्दाफाश किया। पुलिस ने असम के चार, मुंबई के दो और पश्चिम बंगाल के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से जुड़े 11 बैंक खातों के लेन-देन पर रोक लगा दी गई है, जिनमें दो म्यूल खाते व नौ क्रिप्टोकरेंसी खाते शामिल हैं।

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पुलिस लाइन में बुधवार को एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने बताया कि इस गिरोह की गिरफ्तारी चांदा के शफीपुर निवासी और वर्तमान में शहर के विवेकानंद नगर निवासी भास्कर पांडेय की शिकायत पर हुई। भास्कर ने 14 अक्तूबर 2025 को साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने फेसबुक पर शेयर मार्केट में मुनाफा दिलाने वाली एक कंपनी का प्रचार देखा था। दिए गए लिंक पर क्लिक करने के बाद वह एक व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े, जहां कूटरचित दस्तावेजों से उन्हें शेयर ट्रेडिंग में मोटे लाभ का झांसा दिया गया। 

25 अप्रैल से 26 मई के बीच उनसे 10.11 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। जांच के दौरान सामने आया कि इसी तरह अमेठी निवासी अभिषेक सिंह से 85 लाख रुपये व लखनऊ निवासी अवनीश सिंह से 1.85 करोड़ रुपये की ठगी की गई थी।  भास्कर के खाते से ट्रांसफर हुए 4.92 लाख रुपये असम के कामरूप जिले के हाजो स्थित एक फर्म के खाते में गए थे, जो हनीफ काजी और शमसुद्दीन के नाम पर संचालित था। पुलिस टीम 28 जनवरी को असम पहुंची। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उन्होंने खुलासा किया कि सालेकुरा (बारपेटा) निवासी शफीकुल इस्लाम व कोटलीजार (हावली) निवासी जाकिर खान के कहने पर उन्होंने लालच में अपने खाते उपलब्ध कराए थे।
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चारों को ट्रांजिट रिमांड पर सुल्तानपुर लाया गया। उनके बताने पर पुलिस ने बाद में मुंबई में दबिश देकर कल्याण नगर, भिवंडी निवासी संतोष सुर्वे और नवी मुंबई के घंसोली निवासी विजय ईश्वर कलांतरे को गिरफ्तार किया। पुलिस ने पश्चिम बंगाल के मेदनीपुर जिले के फरीद मलिक को भी पकड़ा है। एसपी ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य खुलासे किए जाएंगे। साइबर थाने के प्रभारी निरीक्षक आलोक कुमार सिंह ने बताया कि सभी आरोपियों को बुधवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

268 करोड़ सहित कुल 356.65 करोड़ रुपये फ्रीज

पुलिस ने आरोपियों के पास से सात मोबाइल फोन, छह चेक बुक और तीन एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। एसपी ने बताया कि कुल 11 संदिग्ध खाते के लेन-देन पर रोक लगी है। पुलिस ने एक खाते में 268 करोड़ रुपये, दूसरे में 65 करोड़ रुपये और नौ क्रिप्टोकरेंसी खातों में जमा 23.65 करोड़ रुपये फ्रीज कराए हैं।
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क्लोनिंग एप से करते थे ठगी

आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे अशिका ग्रोइंग एंड शेयरिंग नामक कंपनी के फर्जी क्लोन एप के जरिये लोगों से ठगी करते थे, जबकि असली कंपनी अलग है। गिरोह के सरगना धनंजय फिस्के और केतन नायर के लिए बैंक खाते, चेक बुक, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड जुटाकर उपलब्ध कराते थे। ठगी की रकम पर उन्हें कमीशन दिया जाता था।
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