फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुल्तानपुर : भाजपा के शैलेंद्र प्रताप सिंह एमएलसी निर्वाचित, भाजपा प्रत्याशी को 2480 व सपा प्रत्याशी शिल्पा को मिले 1211 मत

Tue, 12 Apr 2022 07:55 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव रमाकांत तिवारी, अमर उजाला, सुल्तानपुर

सार

विधान परिषद चुनाव में अमेठी-सुल्तानपुर क्षेत्र से 3895 मतदाता बनाए गए थे। चुनाव में कुल मतों के सापेक्ष 3846 वोट पड़े थे। मंगलवार को हुई मतों की गणना के दौरान 138 मतों को अस्वीकार कर दिया गया। इसके बाद 3708 मतों की गणना हुई।
विज्ञापन
शैलेंद्र प्रताप सिंह की जीत के बाद कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अमेठी-सुल्तानपुर विधान परिषद क्षेत्र के चुनाव में मंगलवार को तकरीबन एकतरफा मुकाबले में भाजपा के शैलेंद्र प्रताप सिंह विजयी हुए हैं। चुनाव में शैलेंद्र प्रताप सिंह को 2480 व दूसरे स्थान पर रहीं सपा की शिल्पा प्रजापति को 1211 मत मिले हैं। प्रथम वरीयता मतों की गणना में ही वे आधे से अधिक वोट मिलने पर उन्हें निर्वाचित घोषित किया गया है। नतीजे की घोषणा होते ही भाजपा खेमे में खुशी की लहर दौड़ गई।

विज्ञापन


शहर के नगर पालिका के सामुदायिक मिलन केंद्र (बरात घर) में मंगलवार की सुबह करीब आठ बजे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच गणना शुरू हुई। इस दौरान डीएम/निर्वाचन अधिकारी रवीश गुप्ता मौजूद थे। गणना के लिए लगाए गए 14 टेबल पर पहले राउंड में 14 मतदान केंद्रों के वोटों की गिनती की गई। 14 मतदान केंद्रों की पहले राउंड में हुई वोटों की गिनती में ही भाजपा के शैलेंद्र प्रताप सिंह ने सपा प्रत्याशी एवं पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति की बहू शिल्पा प्रजापति पर बढ़त बना ली। दूसरे राउंड में हुई 14 मतदान केंद्रों की गणना में भाजपा प्रत्याशी शैलेंद्र प्रताप सिंह करीब दोगुने अंतर से आगे हो गए।

दोनों राउंड की गणना में भाजपा प्रत्याशी शैलेंद्र प्रताप सिंह को 2480 व सपा प्रत्याशी शिल्पा प्रजापति को 1211 मत मिले। प्रथम वरीयता मतों की गणना में ही शैलेंद्र सिंह को कुल मतों के सापेक्ष आधे से अधिक वोट मिलने पर उन्हें विजयी घोषित किया गया। नतीजे की घोषणा होते ही भाजपा खेमे में खुशी की लहर दौड़ गई। भाजपाइयों ने नारेबाजी करके खुशी का इजहार किया। जीत का प्रमाण पत्र लेकर पार्टी प्रत्याशी के निकलते ही भाजपाइयों ने उन्हें फूल मालाओं से लाद दिया।
विज्ञापन


138 मत किए गए अस्वीकार
विधान परिषद चुनाव में अमेठी-सुल्तानपुर क्षेत्र से 3895 मतदाता बनाए गए थे। चुनाव में कुल मतों के सापेक्ष 3846 वोट पड़े थे। मंगलवार को हुई मतों की गणना के दौरान 138 मतों को अस्वीकार कर दिया गया। इसके बाद 3708 मतों की गणना हुई। इसमें भाजपा प्रत्याशी शैलेंद्र प्रताप सिंह को 2480, सपा प्रत्याशी शिल्पा प्रजापति को 1211, निर्दल इंद्रकुमार शुक्ल को नौ व निर्दल देवीप्रसाद पांडेय को आठ मत मिले। प्रथम वरीयता के मतों में ही भाजपा के शैलेंद्र प्रताप सिंह को आधे से अधिक मत मिलने पर उन्हें विजयी घोषित किया गया।

गणना को लेकर आसपास लगा रहा मजमा
बरात घर में एमएलसी चुनाव की मतगणना को लेकर मंगलवार को सुबह से आसपास क्षेत्र व भाजपा प्रत्याशी के आवास पर लोगों का मजमा लगा रहा। चुनाव नतीजे की घोषणा होते ही भाजपा नेताओं समेत अन्य समर्थक एमएलसी के आवास पर पहुंच गए। आवास पर समर्थकों व नेताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया।
 

विज्ञापन

कायम रही शैलेंद्र प्रताप की धमक, पांचवीं बार निर्वाचित हुए एमएलसी

अपनी धमाकेदार जीत के बाद शैलेंद्र प्रताप सिंह जिले में एमएलसी पद के पर्याय सरीखे बन गए हैं। मौजूदा चुनाव में भी उनकी धमक कायम रही। पांचवीं बार एमएलसी निर्वाचित होने के बाद एक बार फिर यह साबित हो गया कि पंचायत प्रतिनिधियों के बीच उनकी मजबूत पकड़ है। उनकी जीत ने भाजपा को भी इतराने का मौका दे दिया है। सुल्तानपुर-अमेठी एमएलसी चुनाव में भाजपा को पहली बार जीत हासिल हुई है।

शैलेंद्र प्रताप सिंह ने 1990 में अपना सियासी सफर शुरू किया था। उन्होंने जनता दल के टिकट से एमएलसी का चुनाव लड़ा और जीतकर विधान परिषद पहुंचे। 1996 में बतौर निर्दलीय प्रत्याशी वे फिर एमएलसी के चुुनाव में उतरे। चुनाव में उन्हें जीत मिली। 2003 में उन्होंने समाजवादी पार्टी के टिकट पर एमएलसी का चुनाव लड़ा और हैट्रिक लगाई। 2010 में वे समाजवादी पार्टी के टिकट पर फिर मैदान में उतरे लेकिन उन्हें पूर्व मंत्री विनोद सिंह के अनुज अशोक कुमार सिंह से शिकस्त मिली। 2016 में उन्होंने समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा।

इस चुनाव में उन्हें जीत हासिल हुई। 2022 का चुनाव एक बार फिर जीतकर उन्होंने अपनी धमक कायम रखी है। 2022 के चुनाव को लेकर करीब तीन महीने पहले तक संशय की स्थिति बनी थी। उसकी वजह भी अनायास नहीं थी। पूर्व मंत्री विनोद सिंह भाजपा से विधान परिषद चुनाव लड़ने की तैयारियों में लगे थे। 2010 के चुनाव में शैलेंद्र प्रताप सिंह को मिली एकमात्र शिकस्त के नायक भी वही थे। तब विनोद सिंह के अनुज अशोक कुमार सिंह ने उन्हें चुनाव हरा दिया था। माना जा रहा था कि अगर पूर्व मंत्री विनोद सिंह भाजपा और शैलेंद्र प्रताप सिंह सपा के टिकट पर आमने-सामने हुए तब संघर्ष कांटे का हो जाएगा। इन्हीं अंदेशों के बीच शैलेंद्र प्रताप सिंह ने भाजपा ज्वॉइन कर एक झटके में बाजी ही पलट दी।

बदली राजनीतिक परिस्थितियों में भाजपा को पूर्व मंत्री विनोद सिंह को विधानसभा चुनाव में उतारना पड़ा। चुनाव जीतकर विनोद सिंह विधायक बन गए। वहीं, शैलेंद्र प्रताप सिंह के रूप में भाजपा ने विधानसभा सीट भी फतह कर ली। सु्ल्तानपुर-अमेठी एमएलसी चुनाव में यह भाजपा की पहली जीत है। लगातार छह चुनाव लडकऱ पांच में जीत हासिल करने वाले शैलेंद्र प्रताप सिंह सुल्तानपुर-अमेठी में एमएलसी पद के पर्याय सरीखे बन गए हैं। एमएलसी शब्द जुबान पर आते ही लोगों के जेहन में शैलेंद्र प्रताप सिंह का अक्स उभर आता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें