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बुरे फंसे अखिलेश, किसानों ने हाईकोर्ट घसीटा

Fri, 30 May 2014 02:08 PM IST
राजेंद्र सिंह/अमर उजाला, लखनऊ
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गन्ना किसानों का बकाया धन भुगतान न किए जाने के मामले पर अब अखिलेश सरकार को हाईकोर्ट में जवाब देना होगा। किसानों का लगभग 9 हजार करोड़ रूपया बाकी है।
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पेराई सत्र 2013-14 का गन्ना मूल्य भुगतान न किए जाने का मुद्दा इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया है। इस मामले की सुनवाई शुक्रवार को होगी।

प्रदेश सरकार को जवाब देना है कि वह किसानों को बकाया गन्ना मूल्य का कब तक भुगतान कराएगी।

बीता पेराई सत्र किसानों के लिए बुरा गुजरा। चुनावी साल होने के बावजूद उन्हें न तो समय से गन्ना मूल्य मिला और न ही देरी से भुगतान पर ब्याज।

किसानों का 9300 करोड़ बकाया

किसानों का चीनी मिलों पर 9300 करोड़ रुपये से ज्यादा बकाया है।

आर्थिक संकट से जूझ रहे गन्ना किसानों को अभी तक पेराई सत्र 2012-13 का भी पूरा भुगतान नहीं मिल सका हाईकोर्ट ने विलंब से भुगतान पर ब्याज देने का आदेश दिया था।

प्रदेश की किसी भी चीनी मिल ने इसका पालन नहीं किया। शासन ने ब्याज पर फैसला लेने के लिए एक कमेटी का गठन किया है।
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हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

बकाया गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के संयोजक वीएम सिंह की याचिका पर 27 मई को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार से 48 घंटे में जवाब मांगा था कि वह तक बकाया अदा करा देगी।

इस केस की अगली सुनवाई 30 मई को होनी है। हाईकोर्ट में मामला चला जाने के बाद प्रदेश सरकार भी हरकत में आ गई है।

गन्ना आयुक्त सुभाषचंद शर्मा ने बकाया भुगतान न करने पर चीनी मिलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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