किसान आंदोलनों को देखते हुए सोमवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गन्ना पेराई सत्र शुरू कराने की पहल की है।
उन्होंने कहा है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, मेरठ तथा मुरादाबाद मंडलों की चीनी मिलों को हर हाल में 20 से 25 नवंबर के बीच चलाई जाएं।
अन्य मंडलों के मिल में पेराई 25 से 30 नवंबर के बीच शुरू हो जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि निर्धारित तिथि के अनुसार पेराई शुरू नहीं होती है तो चीनी मिल के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
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अखिलेश यादव ने यहां एनेक्सी पंचम तल स्थित अपने कार्यालय में गन्ना पेराई सत्र की समीक्षा के दौरान गन्ना आयुक्त सुभाष चंद शर्मा ने कहा कि सभी चीनी मिलों के प्रबंधकों को पेराई शुरू करने की तिथि की जानकारी दे दी जाए।
इन तारीखों तक मिल चलवाने के निर्देश तत्काल जारी कर दिए जाएं। जो भी मिल पेराई शुरू करने में हीलाहवाली करे उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
बैठक में प्रमुख सचिव चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास राहुल भटनागर, सचिव मुख्यमंत्री शंभू सिंह यादव, गन्ना आयुक्त सुभाष चंद शर्मा तथा अध्यक्ष संघ गन्ना विकास समितियां के अध्यक्ष अवधेश मिश्र मौजूद थे।
बकाया भुगतान का आश्वासन
संघ गन्ना विकास समिति के अध्यक्ष अवधेश मिश्र और महामंत्री अरविंद गंगवार ने प्रेस कांफ्रेंस करके दावा किया कि मुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों को अविलंब गन्ना मूल्य भुगतान सुनिश्चित करने और बकाया मूल्य अदा न करने वाले मिलों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
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उन्होंने कहा कि किसानों को हितों को देखते हुए जल्द से जल्द गन्ना मूल्य निर्धारण किया जाएगा। गन्ना मूल्य तय करते समय सभी पहलुओं पर विचार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चीनी का रेट गंभीर समस्या है फिर भी पहली प्राथमिकता किसानों के हित की रहेगी।