लखनऊ में अलीगंज निवासी अनु पेशे से इंजीनियर हैं। वह शुक्रवार दोपहर करीब ढाई बजे के आसपास अपने पिता के खाते में नेटबैंकिंग के जरिए दो लाख रुपये ट्रांसफर कर रही थीं। अचानक उनके मोबाइल पर तेज बीप के साथ एलर्ट मैसेज फ्लैश होने लगा। वह घबरा गईं। हैकिंग की आशंका में मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया। जब दोबारा फोन खोला तो वही मैसेज स्क्रीन पर था, जिसे पढ़ने के बाद उनकी जान में जान आई।
ऐसी घबराहट व ऊहापोहा की स्थिति शुक्रवार दोपहर हजारों लोगों को उस वक्त हुई, जब एक साथ उनके मोबाइलों पर अनु की तरह तेज बीप के साथ एलर्ट मैसेज पहुंचे। लोगों की घबराहट तब और बढ़ गई, जब दस मिनट के अंदर दोबारा यह इमरजेंसी एलर्ट मैसेज आया। दरअसल, इन इमरजेंसी एलर्ट मैसेजों को सरकार द्वारा भेजा गया था। सरकार एक एर्लट सिस्टम को टेस्ट कर रही है, जिसके तहत शुक्रवार दोपहर इस मैसेज को लोगों के मोबाइल पर भेजा गया। मैसेज टेलीकॉम डिपार्टमेंट की ओर से भेजे गए थे तथा इन्हें नेशनल डिजेस्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी ने तैयार किया है। इस सिस्टम के विकसित हो जाने पर आपादा के वक्त लोगों को बचाने में खासी राहत होगी। इतना ही नहीं विशेषज्ञ बताते हैं कि प्राकृतिक आपदा के वक्त लोगों की सलामती का पता लगाने व उनके लिए राहत कार्य में भी मदद मिल सकेगी।
''ओके'' करते ही सामान्य हो गया फोन
इमरजेंसी एलर्ट सिस्टम जब लोगों के मोबाइल पर फ्लैश हुए तो पहले वे घबरा गए। हैकिंग की आशंका में कईयों ने मोबाइल स्विच ऑफ कर दिए। वहीं जब मोबाइल दोबारा खोला और वही मैसेज फ्लैश होता दिखा तो लोगों ने उसे ध्यान से पढ़ा, जिसके बाद उन्हें सरकार द्वारा मैसेज भेजकर इमरजेंसी एलर्ट सिस्टम टेस्टिंग का पता लगा। इस मैसेज के अंत में ओके लिखा था, जिसे दबाने के बाद मोबाइल सामान्य हुआ।
...और मीटिंग में होने लगी मैसेज की चर्चा
परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज कुमार पुंडीर के कार्यालय में अफसरों की बैठक चल रही थी, जिसमें बसों के संचालन व बस अड्डों पर यात्री सुविधाओं को लेकर विचार विमर्श चल रहा था। इसी बीच मीटिंग में एक साथ अफसरों के मोबाइल पर मैसेज तेज बीप के साथ फ्लैश होने से चर्चा का विषय ही बदल गया। मैसेज को लेकर अफसरों ने बात करनी शुरू कर दी।