मेट्रो के लिए सिविल निर्माण की टेंडर प्रक्रिया का आगाज 11 जून बृहस्पतिवार को किया जा सकता है। इस हिसाब से यह प्रक्रिया 10 अगस्त तक समाप्त हो जाएगी।
इसके बाद में किसी एक कंपनी का टेंडर फाइनल करके काम का आगाज किया जाएगा।
टेंडर प्रक्रिया समाप्त होने के 20 दिन बाद मेट्रो का सिविल वर्क शुरू होगा। कुल 550 करोड़ रुपये का यह ठेका केवल एक हिस्से में ही होगा।
इसका अर्थ है कि पूरा काम एक ही कंपनी करेगी। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के दिशा निर्देश में टेंडर प्रक्रिया संचालित होगी।
छह जून को हुई एलएमआरसी बोर्ड की मीटिंग में सिविल टेंडर करने की इजाजत दे दी गई थी।
एलएमआरसी के अधिकारी ने बताया कि अब केवल बोर्ड मीटिंग के मिनट्स का इंतजार है। जिसके बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू कर देंगे।
ये प्रक्रिया दो महीने चलेगी। बहुत संभव है कि 11 जून को टेंडर संबंधित अधिसूचना जारी कर दी जाए।
मेट्रो रेल परियोजना के सिविल निर्माण के लिए पहला टेंडर 550 करोड़ रुपये का होगा। ट्रांसपोर्ट नगर से चारबाग के बीच आठ किलोमीटर का यह सेक्शन होगा।
मेट्रो के लिए सिविल निर्माण का टेंडर दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) करेगा।
बोर्ड ने तय किया है कि अगले दो महीने में ट्रांसपोर्ट नगर से चारबाग के बीच टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली जाए।
ताकि, हर हाल में सितंबर-2014 में काम पूरा किया जा सके। पहले चरण में आठ किलोमीटर पर काम होगा। इस आठ किलोमीटर में आठ स्टेशन बनाए जाएंगे।
फिलहाल तय किया गया है कि सितंबर-2017 में इस रूट पर मेट्रो रेल का संचालन शुरू हो जाएगा। 550 करोड़ रुपये में ये सिविल कार्य किए जाएंगे।
ऐसे काम को कराने की सलाह एलएमआरसी के प्रधान सलाहकार ई. श्रीधरन ने दी थी।