बिजली संकट शाम चार बजे 132 केवी नीबू पार्क उपकेंद्र के निकट सड़क खोदाई के दौरान जेसीबी द्वारा 33 केवी भूमिगत केबल के कटने से हुआ।
33/11 केवी रेजीडेंसी उपकेंद्र गुरुवार शाम अचानक ठप हो गया। यह बिजली संकट शाम चार बजे 132 केवी नीबू पार्क उपकेंद्र के निकट सड़क खोदाई के दौरान जेसीबी द्वारा 33 केवी भूमिगत केबल के कटने से हुआ।
इसके कारण 10 हजार से अधिक कनेक्शन धारकों की बत्ती गुल हो गई। इससे कलेक्ट्रेट, कैसरबाग बस अड्डा, परिवहन निगम, परिवहन विभाग मुख्यालय सहित दो अस्पताल बिजली संकट की चपेट में आ गए।
जिनको ढाई घंटे बाद ही बिजली नसीब हो सकी। वहीं, सरकारी दफ्तरों की बिजली गुल होने से एसी बंद हो गए तो कर्मचारी कामकाज छोड़कर कमरों से बाहर निकल आए।
शाम चार बजे 132 केवी नीबू पार्क उपकेंद्र के निकट सड़क खोदाई के दौरान जेसीबी ऑपरेटर ने 33 केवी भूमिगत केबल को काट दिया।
यह केबल 123 केवी नीबू पार्क उपकेंद्र से रेजीडेंसी उपकेंद्र को जाता है।
इसके चलते रेजीडेंसी उपकेंद्र की बिजली गुल हुई तो रिवर बैंक कॉलोनी, जवाहर नगर, वजीरगंज, गोलागंज, पंडितनगर, बारूदखाना, कैसरबाग, ओल्ड कानपुर रोड को भी संकट का सामना करना पड़ा।
वहीं बलरामपुर, डफरिन, संक्रामक अस्पताल, कैसरबाग बस अड्डे, जिला अधिकारी कार्यालय कलेक्ट्रेट, अवध एवं कैसरबाग बस डिपो, परिवहन मुख्यालय दफ्तरों में अंधेरा हो गया।
सरकारी दफ्तरों, अस्पतालों एवं बस अड्डे की इमरजेंसी में जनरेटर से बिजली को चालू हो गई पर बिना एसी कमरों में काम करना मुश्किल हो गया तो अधिकतर कर्मचारी कामकाज छोड़कर कर बाहर निकल आए।
शाम 6:30 बजे 132 केवी नीबू पार्क उपकेंद्र से 33 केवी हनुमान सेतु उपकेंद्र को जाने वाले केबल से रेजीडेंसी उपकेंद्र को जोड़कर रोशन किया।
बलरामपुर और डफरिन अस्पताल में बिजली गुल होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
अस्पताल में अचानक बिजली चली गई तो महिला और बाल रोग वार्ड समेत न्यू बिल्डिंग वार्ड में भर्ती मरीज और उनके तीमारदार गर्मी और उमस से परेशान हो गए।
वहीं, कुछ इमरजेंसी जांचे प्रभावित रहीं। गुरुवार को बलरामपुर और डफरिन अस्पताल की ढाई घंटे गुल हुई बिजली मरीजों के लिए परेशानी का सबब बन गई। हालांकि अस्पताल में जनरेटर चला दिए गए।
जिसके बाद स्थिति सामान्य हो गई, लेकिन इमरजेंसी में एक्स-रे समेत दूसरी जांचें नहीं हो सकी। बिजली आने के बाद मरीजों की जांचें कराई गई।
वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल में बैक अप की सुविधा मजबूत है।
33/11 केवी उपकेंद्र के ओवर लोड होने से एक पखवारे से विकासनगर कॉलोनी में रोजाना ताबड़तोड़ बिजली कटौती चल रही है।
उपभोक्ताओं की माने तो इस कटौती के कारण बिजली उपकरणों की गुणवत्ता पर फर्क पड़ रहा है।
लोगों ने बताया कि कटौती के चलते रात 3-3 बजे तक जागना पड़ रहा है। विकासनगर में रोजाना रात में 10:30 से 3 बजे तक बिजली कटौती का दौर चलता है।