पुलिस ट्रेनिंग सेंटर मेरठ के डीआईजी रहते एसआई का यौन शोषण करने के आरोपों से घिरे डीपी श्रीवास्तव का निलंबन रद्द किए जाने पर सवाल उठ रहे हैं।
सीपीएम की केंद्रीय समिति सदस्य सुभाषिनी अली ने सीएम अखिलेश यादव को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि वे डीआईजी श्रीवास्तव को तत्काल निलंबित करें।
उनके खिलाफ कार्य स्थल पर महिलाओं से यौन हिंसा रोकथाम अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाए।
पत्र में सुभाषिनी अली ने लिखा है कि सीएम ने महिलाओं पर अत्याचार रोकने व दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने वादा किया है।
डीआईजी डीपी श्रीवास्तव पर यौन शोषण के आरोप जांच में सही पाए जाने के बाद 2 जून को निलंबित किया गया था।
इसके बाद एडीजी सुतापा सान्याल की अध्यक्षता में बनी जांच समिति ने भी महिला एसआई के आरोपों को सही बताया था।
समिति ने 2 अगस्त को अपनी रिपोर्ट दी और आश्चर्यजनक रूप से इसके तीसरे ही दिन 5 अगस्त को डीपी श्रीवास्तव का निलंबन रद्द कर दिया गया।
सरकार का यह कदम यौन शोषण के उन पीड़ितों को बेहद निराश करने वाला है। जिन्हें अपने वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ शिकायत करने के लिए बहुत हिम्मत जुटानी पड़ती है।
बहुत संभव है कि आरोपी अधिकारी ने और भी जूनियर महिला पुलिस अफसरों का शोषण किया हो। सरकार ऐसे व्यक्ति को युवा पुलिस अधिकारियों का शिक्षण और प्रशिक्षण कैसे करने दे सकती है।
सुभाषिनी अली ने सीएम से अपेक्षा जताई है कि वे इस मामले में सख्त कार्रवाई करेंगे, जो एक उदाहरण बनेगी।