सोशल मीडिया पर महिलाओं के प्रति अश्लील मैसेज भेजने के आरोपी कानपुर नगर के उप निबंधक संजय राय को बर्खास्त कर दिया गया है। संजय पर यह कार्रवाई विभागीय जांच में आरोपों की पुष्टि के बाद प्रमुख सचिव एवं महानिरीक्षक निबंधन अनिल कुमार ने यह कार्रवाई की है।
संजय ने विभागीय अधिकारियों के वॉट्सएप ग्रुप पर महिलाओं के साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ भी अमर्यादित टिप्पणी की थी।
दरअसल स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन एसोसिएशन के वॉट्सएप ग्रुप पर 26 सितंबर को संजय ने ये मैसेज पोस्ट किया था। ग्रुप में शामिल अधिकारियों ने इस पोस्ट की आलोचना करते हुए संजय से मैसेज के जरिए क्षमा मांगने की अपील भी की थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।
इसके बाद झांसी मंडल के उप महानिरीक्षक निबंधन विजय कृष्ण उपाध्याय ने महानिरीक्षक से इसकी शिकायत कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए संजय से जब स्पष्टीकरण मांगा गया तो वे ये कहते हुए मुकर गए कि उन्होंने ये मैसेज पोस्ट ही नहीं किया है।
कार में रंगरलियां मनाने का लगा चुका आरोप
वॉट्सऐप
उन्होंने अपने स्पष्टीकरण में यह भी आरोप लगाया कि किसी ने उनकी छवि खराब करने के लिए उनके मोबाइल से ये मैसेज पोस्ट किया है।
स्पष्टीकरण को संतोषजनक न मानते हुए विभाग ने उनके खिलाफ आरोप पत्र जारी कर दिया और कानपुर नगर के सहायक निरीक्षक निबंधन देवेंद्र सिंह को जांच अधिकारी नियुक्त कर दिया गया। जांच अधिकारी की रिपोर्ट में भी संजय के ही मोबाइल से मैसेज पोस्ट किए जाने की पुष्टि हुई।
इसके बाद संजय जब व्यक्तिगत सुनवाई के लिए पहुंचे तो महानिरीक्षक के सामने उन्होंने कुबूल किया कि ये मैसेज उन्होंने ही पोस्ट किया था। इस आधार पर महानिरीक्षक ने उन्हें उप्र कर्मचारी आचरण नियमवाली और आईटी एक्ट के तहत दोषी करार देते हुए संजय को बर्खास्त कर दिया।
करीब दो साल पहले अंबेडकरनगर की टांडा तहसील में तैनाती के दौरान संजय पर एक महिला के साथ कार में रंगरेलिया मनाने का आरोप लगा था।
आईजी स्टांप से भी इसकी शिकायत हुई थी, लेकिन विभागीय स्तर पर मामला रफा-दफा कर दिया गया था। इसके बाद संजय का तबादला बागपत कर दिया गया, लेकिन 6-7 महीने के बाद ही उन्होंने अपना तबादला कानपुर नगर करा लिया था।
सूत्रों का कहना है कि टांडा प्रकरण में विभाग के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के फैसले से नाराज होकर ही संजय ने वॉट्सएप ग्रुप पर ये अश्लील मैसेज भेजा था।