लखनऊ। संगीत, नाटक, अभिनय या अन्य विधाओं में आपकी रुचि है और पढ़ाई या नौकरी की वजह से इन्हें नहीं सीख पा रहे हैं तो गर्मी की छुट्टियों में सुनहरा अवसर है। संगीत नाटक अकादमी में 20 मई से कार्यशालाओं की शुरुआत हो रही है।
भातखंडे संस्कृति विवि, भारतेंदु नाट्य अकादमी, बिरजू महाराज कथक संस्थान और राज्य ललित कला अकादमी की ओर से कार्यशालाओं की घोषणा हो चुकी है। इसी तर्ज पर गोमतीनगर स्थित संगीत नाटक अकादमी में भी कार्यशालाओं की शुरुआत होने जा रही है।
अकादमी के निदेशक डॉ. शोभित नाहर ने बताया कि इस बार भी कार्यशालाओं का आयोजन एक माह के लिए किया जा रहा है। इनमें बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं। उम्र का कोई बंधन नहीं है। कार्यशालाओं में शास्त्रीय गायन, उप शास्त्रीय गायन, लोकगायन, लोकनृत्य, कथक सिखाया जाएगा।
इसके साथ ही अभिनय, निर्देशन, लेखन व एंकरिंग के गुर दिए जाएंगे। ढोलक, बांसुरी, पखावज और सारंगी जैसे वाद्ययंत्रों का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। नाहर ने बताया कि प्रयास किया जा रहा है कि इस बार फोटोग्राफी की भी कार्यशाला का आयोजन हो।
सुबह और शाम चलेगी कार्यशाला
निदेशक ने बताया कि कार्यशालाओं का संचालन सुबह और शाम दोनों समय होगा। सुबह इनका समय सात से 11 बजे तक रखा गया है। शाम के समय का निर्धारण जल्द होगा। एक विधा के लिए प्रशिक्षण शुल्क एक हजार रुपये है। कार्यशाला में शामिल होने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से 19 मई तक आवेदन कर सकते हैं।