प्रदेश में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित 105 सर्वोदय विद्यालयों के बच्चों का भविष्य तकनीक आधारित शिक्षा से संवरेगा। बच्चों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक सिखाई जाएगी। स्मार्ट क्लास में बच्चों को थ्रीडी वीडियो, हाई रेजोल्यूशन इमेज के जरिए विषयों को रोचक तरीके से पढ़ाया जाएगा। कठिन से कठिन सवालों को आसानी से समझाया जाएगा।
इस संबंध में समाज कल्याण विभाग और एम्बाइब सीएसआर के बीच समझौता हुआ है। इसके तहत कक्षा 6 से 12 तक के सभी छात्र छात्राओं को ऑनलाइन कंटेंट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस एम्बाइब मोबाइल एप के माध्यम से मुफ्त सिखाया जाएगा। इसके अतिरिक्त जेईई व नीट की तैयारी में कक्षा 11 एवं 12 के विद्यार्थियों को प्रतियोगी सामग्री व अभ्यास प्रश्न उपलब्ध कराए जायेंगे।
ये भी पढ़ें - तीसरी बार कर्नाटक में सीएम योगी: बोले - बजरंग दल को बैन करने का मतलब हिंदू आस्था से खिलवाड़
ये भी पढ़ें - सपा ने राज्य निर्वाचन आयुक्त को लिखा पत्र, एक ही मतदाता सूची से हर चुनाव कराने की मांग की
इस महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत नौ और दस मई से होगी। विज्ञान व गणित के शिक्षकों को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। ये ट्रेनर ई-लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम और ई-कंटेंट का प्रयोग कर विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान करेंगे।
ऑनलाइन और ऑफलाइन के हाइब्रिड मोड में तकनीक आधारित आधुनिक शिक्षा पद्धति की ठोस नींव तैयार की जा रही है। इससे जेईई, नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में विद्यार्थी अपना सर्वश्रेष्ठ परिणाम दे सकेंगे।
-असीम अरुण, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), समाज कल्याण