पॉलीटेक्निक संस्थानों में दाखिले के लिए छठे से आठवें तक के चरण की काउंसिलिंग में अभ्यर्थी 10 से ज्यादा संस्थानों का विकल्प नहीं भर पाएंगे। चाहे उन विद्यार्थियों ने प्रवेश के लिए आवेदन किया हो या फिर आवेदन करने के बाद प्रवेश परीक्षा न दी हो या फिर चाहे छात्रों ने प्रवेश परीक्षा ही क्यों न दी हो। इन चरणों में विकल्प भरने का नियम सभी के लिए एक ही है। वहीं इस बार प्रमाण पत्रों का सत्यापन अलॉट किए हुए संस्थान में ही होगा।
पॉलीटेक्निक की छठे से आठवें चरण की काउंसिलिंग छह से 25 अक्तूबर तक होगी। इसमें प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन न करने वाले, आवेदन कर प्रवेश परीक्षा में न शामिल होने वाले और प्रवेश परीक्षा में शामिल होने वाले तीनों तरह के छात्र शामिल हो सकते हैं।
संयुक्त प्रवेश परीक्षा के सचिव राम रतन ने बताया कि तीनों चरणों में विद्यार्थियों को केवल 10 संस्थान का विकल्प ही भरने को दिया जाएगा। सभी को विकल्प भरना अनिवार्य होगा। फिर इनमें से कोई एक संस्थान अलॉट किया जाएगा। इस बार प्रमाण पत्रों का सत्यापन अलॉट हुए संस्थान में किया जाएगा।
विद्यार्थियों को प्रवेश प्रक्रिया अलॉट संस्थान में पूरी करनी होगी। इससे पहले तक जिला स्तर पर बने हेल्प सेंटर पर प्रमाण पत्रों का सत्यापन किया जाता था। अगर विद्यार्थी अलॉट किए हुए संस्थान में उपस्थित होकर प्रमाण पत्रों का सत्यापन नहीं कराता है और निर्धारित फीस जमा नहीं करता है तो वह अगले सभी चरणों में प्रवेश का पात्र नहीं होगा। वह अगले सभी चरणों की काउंसिलिंग से बाहर कर दिया जाएगा।