बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में पढ़ रहे के एक करोड़ 60 लाख से अधिक विद्यार्थियों को लगातार दूसरे साल बिना परीक्षा के उतीर्ण किया जा सकता है। विभाग बिना परीक्षा के बच्चों को उतीर्ण करने पर मंथन कर रहा है।
शैक्षिक सत्र 2019-20 में परिषदीय स्कूलों की वार्षिक परीक्षा मार्च 2020 में प्रस्तावित थी। लेकिन प्रदेश में कोरोना संक्रमण का फैलाव शुरू होने और उसके बाद लॉकडाउन लागू होने के कारण परीक्षा नही हो सकी थी। विभाग ने सभी विद्यार्थियों को बिना परीक्षा के उतीर्ण कर अगली कक्षा में प्रवेश दिया किया था।
शैक्षिक सत्र 2020-21 में भी परिषदीय स्कूलों में नियमित कक्षाओं का संचालन नही किया गया है। अभी तक ऑनलाइन क्लास ही संचालित हो रही है। विभाग के अधिकारियों का मानना है कि शैक्षिक सत्र मार्च तक संचालित होगा। स्कूल जल्द नहीं खोले गए तो बच्चों की परीक्षा कराना सम्भव नही होगा।
अधिकारियों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों के परिषदीय स्कूलों के बच्चों के साथ निम्न आय वर्ग के बच्चों तक भी ऑनलाइन क्लास का लाभ नही पहुंच रहा है। ऐसे में स्कूल खुलने पर परीक्षा कराने पर वे बच्चे अच्छा प्रदर्शन नही कर सकेंगे। उनका मानना है कि बच्चों को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए वैक्सीन अभी नही बनी है। स्कूलों में बच्चों को परीक्षा के लिए बुलाने से संक्रमण का खतरा बना रहेगा। लिहाजा विभाग बच्चों को स्कूल बुलाकर परीक्षा कराने की जगह बिना परीक्षा के उतीर्ण करने विचार कर रहा है।
इनका कहना है
इस साल परीक्षा नही होगी। स्कूल नही खुले तो परीक्षा कराना संभव नही है। बच्चों को पिछले साल की तरह बिना परीक्षा के उतीर्ण किया जाएगा। शासन से इस संबंध में मार्गदर्शन लिया जाएगा।
विजय किरण आनंद, महानिदेशक स्कूल शिक्षा