प्रदेश के राजकीय हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों में अब बीएड कॉलेजों के विद्यार्थी भी अध्यापन कार्य करेंगे। इसके बदले माध्यमिक शिक्षा विभाग उन्हें प्रमाण पत्र भी देगा। उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने माध्यमिक शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव आराधना शुक्ला को कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं।
स्कूलों में शिक्षकों के पद खाली होने से पाठ्यक्रम समय पर पूरा कराने की समस्या खड़ी हो गई है। गणित, अंग्रेजी और विज्ञान के शिक्षक नहीं होने से विद्यार्थी और अभिभावक चिंतित हैं। बीते दिनों हुई विभाग की समीक्षा बैठक में सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों ने इस समस्या को प्रमुखता से उठाया।
सभी जिला विद्यालय निरीक्षक उनके जिलों में स्थित राजकीय और निजी बीएड कॉलेजों से संपर्क कर विद्यार्थियों को स्कूलों में तैनात करेंगे। बीएड विद्यार्थियों को उनकी सुविधा के अनुसार निकटवर्ती ग्रामीण एवं शहरी स्कूल में छह-छह महीने पढ़ाने के लिए तैनात किया जाएगा।